दंतेवाड़ा के पल्लेवाया गांव में नया सुरक्षा कैंप स्थापित, नक्सल स्मारक ध्वस्त, CRPF की 165वीं बटालियन की तैनाती

दंतेवाड़ा। नक्सल गतिविधियों के गढ़ माने जाने वाले अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने एक और बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल की है। पल्लेवाया गांव में नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया है, जिससे इलाके में नक्सल बाहुल्य क्षेत्रों की घेराबंदी और ग्रामीण सुरक्षा को मजबूत किया जा सके। कैंप में CRPF की 165वीं बटालियन की तैनाती की गई है।
कैंप स्थापना के साथ बड़ी कार्रवाई, नक्सल स्मारक ध्वस्त
कैंप स्थापित करते ही सुरक्षा बलों ने गांव में मौजूद नक्सल स्मारक को ध्वस्त कर दिया, जो लंबे समय से नक्सल गतिविधियों और उनके प्रभाव का प्रतीक माना जाता था। इसके हटने के बाद सुरक्षा एजेंसियां इसे मनोवैज्ञानिक मोर्चे की जीत मान रही हैं।
ऑपरेशन के मायने: अबूझमाड़ के भीतर पहली बार इतनी गहरी पैठ पल्लेवाया गांव अबूझमाड़ के उन हिस्सों में आता है, जहाँ नक्सलियों की पकड़ ऐतिहासिक रूप से मजबूत रही है। सुरक्षा विशेषज्ञ इसे अबूझमाड़ के भीतर गहरी पैठ के रूप में देख रहे हैं, जो आगे बड़े अभियानों का रास्ता साफ कर सकती है।
165वीं बटालियन की तैनाती से सुरक्षा घेरा और कड़ा अब कैंप से रोजाना एरिया डोमिनेशन, जंगलों में गश्त एंटी-नक्सल ऑपरेशन, ग्रामीण संपर्क एवं विश्वास अभियान जैसी कार्रवाइयाँ संचालित होंगी।
विकास और सुरक्षा अब साथ-साथ अधिकारियों ने कहा कि यह कैंप केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि विकास को अबूझमाड़ से जोड़ने का दरवाजा है। इलाके में संदेश साफ है,बस्तर बदलेगा। इस ऑपरेशन से यह स्पष्ट संदेश गया है कि दक्षिण बस्तर में नक्सली विचारधारा के प्रतीकों को खत्म कर शासन की मौजूदगी और कानून की मजबूती सुनिश्चित की जाएगी।




