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छत्तीसगढ़ में गाय को मिलेगा “राजमाता” का दर्जा?- सीएम साय ने दिए संकेत, सियासत भी तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जल्द ही गाय को “राजमाता” का दर्जा मिल सकता है। बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की मांग के बाद यह मुद्दा राज्य की राजनीति के केंद्र में आ गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा हैं कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

धीरेंद्र शास्त्री ने सरकार से की मांग

छत्तीसगढ़ दौरे पर आए बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गाय को राजमाता का दर्जा देने की मांग की है। उन्होंने यह मांग गुढियारी के अवधपुरी मैदान में हनुमंत कथा वाचन के अंतिम दिन की। इस दौरान सीएम साय भी मौजूद थे, धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि सनातन परंपरा में गाय को सदियों से माता का दर्जा दिया गया है और अब राज्य स्तर पर उसे संवैधानिक सम्मान भी दिया जाना चाहिए।

धीरेन्द्र शास्त्री की मांग पर आई प्रतिक्रिया

1003072850 removebg previewगाय को राजमाता घोषित करने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा,सीएम ने कहा कि महाराष्ट्र में गाय को राजमाता का दर्जा दिया गया है। छत्तीसगढ़ में भी सलाह मशवरा किया जाएगा,और कैबिनेट में इसका प्रस्ताव लाया जायगा- सीएम विष्णुदेव साय

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा गाय की पूजा सदियों से माता के रूप में की जा रही है। अगर गोमाता को राजमाता का दर्जा दिया जाता है तो यह खुशी की बात होगी। इसमें किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए।

कांग्रेस के पूर्व मंत्री ताम्रध्वज साहू ने कहा भाजपा बोलने और दुष्प्रचार करने में माहिर है। जब से सृष्टि बनी है, तब से गौमाता को गौमाता ही कहा जाता है। यह कोई नई बात नहीं है।”

महाराष्ट्र में गाय को मिला है राजमाता का दर्जा

महाराष्ट्र सरकार ने गायों के लिए पिछले साल अक्टूबर में बड़ा फैसला लिया था,जिसके तहत सरकार ने प्रदेश में देसी गाय को अब राज्य माता का दर्जा दिया है। तब महाराष्ट्र सरकार ने कहा था भारतीय संस्कृति में देशी गाय की स्थिति और मानव आहार में देसी गाय के दूध की उपयोगिता है। साथ ही आयुर्वेद चिकित्सा और पंचगव्य उपचार पद्धति और खेती की प्रणालियों में देशी गाय के गोबर और गोमूत्र का महत्व है,जिसके चलते सरकार ने यह फैसला लिया है।

माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार भी जल्द इस पर निर्णय लेगी। सीएम साय के संकेत के बाद राज्य की राजनीति में नया विमर्श शुरू हो गया है। भाजपा इसे सांस्कृतिक सम्मान का प्रतीक बता रही है तो कांग्रेस इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रही है। फिलहाल छत्तीसगढ़ की राजनीति में ये मुद्दा गर्म है। अब देखना होगा आने वाले दिनों में सरकार इस पर कुछ निर्णय लेती है,या यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला जायगा।

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CG Bulletin Desk1

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