राज्य में खुलेंगे 12 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 144 नए पदों की मिली स्वीकृति

एक चिकित्सा अधिकारी समेत प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में होंगे 12 मेडिकल स्टाफ
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर राज्य सरकार ने 12 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) खोलने की स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही इन केंद्रों के संचालन के लिए कुल 144 नए पदों को भी मंजूरी दी गई है।
यह निर्णय वित्तीय वर्ष 2024–25 के मुख्य बजट में की गई घोषणा के अनुरूप लिया गया है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, इन नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर, सुलभ और समयबद्ध स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इन क्षेत्रों में खुलेंगे नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रस्वीकृत आदेश के तहत निम्न स्थानों पर नए PHC स्थापित किए जाएंगे—
नगर निगम चिरमिरी (कोरिया कालरी क्षेत्र), खड़गवाँ जनपद का ग्राम पंचायत जरौंधा, कोंडागांव विकासखंड का ग्राम गोलावंड, बैकुंठपुर विकासखंड का ग्राम मुरमाकोरिया जिले का ग्राम सकरिया, राजपुर विकासखंड का ग्राम सेवारी, दरभा विकासखंड के ग्राम पोड़ागुड़ा एवं ग्राम चिंतापुर, दुलदुला विकासखंड का ग्राम करडेगा, फरसाबहार विकासखंड के ग्राम पेटामारा (अकीरा) एवं ग्राम गंझिया, डीहकुनकुरी विकासखंड का ग्राम केराडीह।
प्रत्येक केंद्र में 12 मेडिकल स्टाफ: सरकारी आदेश के अनुसार, प्रत्येक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में एक चिकित्सा अधिकारी सहित कुल 12 स्वास्थ्यकर्मी पदस्थ होंगे। इनमें—1 चिकित्सा अधिकारी,1 ग्रामीण चिकित्सा सहायक, 1 फार्मासिस्ट ग्रेड-2, 1 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, 3 स्टाफ नर्स, 1 लैब टेक्नीशियन, 1 सहायक ग्रेड-31 वार्ड बॉय, 2 आया शामिल हैं।
मुख्यमंत्री का जताया आभार
स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना से ग्रामीण और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी। इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर उपचार मिलेगा और बड़े शहरों पर निर्भरता भी कम होगी।
सरकार के इस फैसले को राज्य में ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में मील का पत्थर माना जा रहा है।




