रायपुर प्रेस क्लब चुनाव संपन्न: संगवारी पैनल का दबदबा, मोहन तिवारी अध्यक्ष, महासचिव पद पर गौरव शर्मा निर्वाचित

उपाध्यक्ष दिलीप साहू, संयुक्त सचिव पद पर भूपेश जांगड़े, निवेदिता साहू निर्वाचित
रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब के चुनाव आज शांतिपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुए। पूरे चुनावी प्रक्रिया में संगवारी पैनल का दबदबा देखने को मिला और पैनल ने प्रमुख पदों पर शानदार जीत दर्ज की। निर्वाचित पदाधिकारियों में
अध्यक्ष: मोहन तिवारी (संगवारी पैनल)
महासचिव: गौरव शर्मा (संगवारी पैनल)
कोषाध्यक्ष: दिनेश यदु (संगवारी पैनल)
संयुक्त सचिव: निवेदिता साहू (संगवारी पैनल)
वहीं, उपाध्यक्ष पद पर संकल्प पैनल से दिलीप साहू ने जीत हासिल की, जबकि संयुक्त सचिव के एक अन्य पद पर परिवर्तन पैनल के भूपेश जांगड़े निर्वाचित हुए।

मतदान से परिणाम तक
प्रेस क्लब चुनाव के लिए मंगलवार को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान हुआ। सुबह से ही प्रेस क्लब परिसर में गहमागहमी और उत्साह का माहौल रहा। मतदान उपरांत मतगणना प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद देर रात परिणाम घोषित किए गए।
नतीजों की घोषणा के पश्चात सभी विजयी उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। पत्रकार साथियों और शुभचिंतकों ने विजेताओं को बधाइयाँ दीं और नए दायित्वों के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं। सभी निर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं सफल कार्यकाल के लिए शुभकामनाएँ।

जीत के बाद संगवारी पैनल के सामने संकल्प पत्र को ज़मीन पर उतारने की बड़ी चुनौती
रायपुर प्रेस क्लब चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद अब संगवारी पैनल के सामने सबसे बड़ी कसौटी अपने संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की है। चुनाव के दौरान पत्रकार हितों, सुविधाओं के विस्तार और प्रेस क्लब के समग्र विकास को लेकर जो घोषणाएं की गई थीं, उन पर अमल की अपेक्षा अब तेज़ हो गई है।
संगवारी पैनल द्वारा जारी घोषणा पत्र में प्रेस क्लब के संविधान में सुधार, समय पर चुनाव, पत्रकारों के लिए स्वास्थ्य बीमा, फेलोशिप योजना, महिला पत्रकारों के लिए अलग व्यवस्था, प्रेस क्लब परिसर का विकास, लाइब्रेरी, जिम और वाई-फाई जैसी सुविधाएं, प्रशिक्षण कार्यशालाएं, सम्मान व पुरस्कार योजनाएं और पत्रकार सुरक्षा कानून को मज़बूत करने जैसे कई अहम बिंदु शामिल हैं।
अब चुनाव परिणाम सामने आने के बाद पत्रकार समुदाय की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नई कार्यकारिणी इन वादों को कितनी गंभीरता और समयबद्ध तरीके से पूरा करती है। खासकर आवासीय सुविधाएं, आर्थिक सहायता योजनाएं और वरिष्ठ व ग्रामीण पत्रकारों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर त्वरित निर्णय की उम्मीद की जा रही है।




