छत्तीसगढ़ के आईपीएस संतोष कुमार सिंह को राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सराहना, NSA अजीत डोभाल ने भेजा प्रशंसा-पत्र

संयुक्त राष्ट्र शांति स्थापना पर लिखी पुस्तक ‘Institutionalization of Peacebuilding’ को मिली प्रशंसा
रायपुर। छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस अधिकारी एवं डीआईजी संतोष कुमार सिंह को उनकी पुस्तक “Institutionalization of Peacebuilding – Functioning of the United Nations Peacebuilding Commission in Sierra Leone and Burundi” के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी सराहना मिली है।
इस पुस्तक में किए गए गंभीर शोध और अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना के विषय पर गहन अध्ययन को लेकर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने स्वयं उन्हें प्रशंसा-पत्र लिखकर बधाई दी है।
डोभाल की ओर से इस प्रकार की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया बेहद कम देखने को मिलती है, इसलिए इस पत्र को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
एनएसए अजीत डोभाल ने 23 मार्च को यह पत्र लिखा। अपने पत्र में उन्होंने संतोष कुमार सिंह के रिसर्च, लेखन और विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण की सराहना की है।डोभाल ने कहा कि पुस्तक में संयुक्त राष्ट्र के शांति स्थापना प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया गया है। साथ ही इसमें विषय से जुड़े महत्वपूर्ण पृष्ठभूमि तथ्यों (Insightful Background) को भी प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।

इस पुस्तक की खास बात यह है कि इसमें कोल्ड वॉर के बाद अंतरराष्ट्रीय शांति स्थापना के लिए किए गए नए प्रयासों का बेहद बारीकी से अध्ययन किया गया है।पुस्तक विशेष रूप से सिएरा लियोन और बुरुंडी में संयुक्त राष्ट्र की Peacebuilding Commission की कार्यप्रणाली, चुनौतियों और प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत करती है।
एनएसए डोभाल ने इस शोध कार्य को गंभीर, उपयोगी और विषय की गहरी समझ को दर्शाने वाला प्रयास बताया है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से भी मिली सराहना
सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ही नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से भी इस पुस्तक को सराहना मिली है।प्रधान सचिव शक्तिकांत दास ने भी आईपीएस संतोष कुमार सिंह के समर्पण, शोध क्षमता और गंभीर प्रयासों की प्रशंसा की है।
इससे यह स्पष्ट होता है कि यह पुस्तक केवल एक अकादमिक कार्य नहीं, बल्कि नीति, सुरक्षा और वैश्विक शांति व्यवस्था जैसे गंभीर विषयों पर एक महत्वपूर्ण बौद्धिक योगदान के रूप में देखी जा रही है।
छत्तीसगढ़ के लिए भी गौरव का विषय
छत्तीसगढ़ कैडर के एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को इस स्तर की राष्ट्रीय प्रशंसा मिलना प्रदेश के लिए भी गौरव का विषय माना जा रहा है। यह उपलब्धि इस बात का भी प्रमाण है कि प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत अधिकारी केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अंतरराष्ट्रीय नीति, शांति और रणनीतिक अध्ययन जैसे विषयों पर भी गंभीर योगदान दे रहे हैं।




