छत्तीसगढ़

महिला आरक्षण विधेयक 54 वोट से गिरा, पास होने के लिए चाहिए थे 352, मिले 298, CM साय बोले – कांग्रेस और INDI गठबंधन का “असली चेहरा उजागर”

रायपुर- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महिला आरक्षण से जुड़े विधेयक के गिरने पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम ने कांग्रेस और INDI गठबंधन का “असली चेहरा” एक बार फिर देश के सामने ला दिया है।

मुख्यमंत्री साय ने अपने बयान में कहा कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ से जुड़े 31वें संविधान संशोधन विधेयक का विरोध केवल एक कानून का विरोध नहीं है, बल्कि यह देश की मातृशक्ति के अधिकार, सम्मान और नेतृत्व क्षमता को नकारने का प्रयास है। उन्होंने इसे उन करोड़ों महिलाओं की उम्मीदों पर आघात बताया, जो अपने बेहतर भविष्य की आशा रखती हैं।

साय ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया के केंद्र में लाने और उन्हें समान अवसर देने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। इसके बावजूद विपक्ष का यह रुख उनकी “संकीर्ण सोच और दोहरे मापदंड” को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि देश की माताएं और बहनें सब देख रही हैं और समय आने पर इसका जवाब भी देंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि नारी सशक्तीकरण की यह यात्रा रुकने वाली नहीं है और हर महिला को उसका अधिकार और सम्मान दिलाकर ही यह संकल्प पूरा होगा।

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CG Bulletin Desk1

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