अफीम की खेती पर गृह मंत्री विजय शर्मा सख्त, कहा – ‘गैंग हुआ तो नेस्तानाबूत करेंगे’, इंटीग्रेटेड तरीके से होगी जांच

प्रदेश में कब से यह चल रहा है, इसकी पूरी तह तक जाएंगे
रायपुर। छत्तीसगढ़ में कई जिलों में अफीम की अवैध खेती पकड़े जाने के बाद गृह मंत्री विजय शर्मा ने बड़ा और सख्त बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि इस पूरे मामले की जड़ तक पहुंचकर जांच की जाएगी और यदि इसके पीछे कोई संगठित गैंग मिला, तो उसे पूरी तरह नेस्तानाबूत कर दिया जाएगा। एयरपोर्ट में मीडिया से बातचीत में गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा प्रदेश में यह कब से चल रहा है, इसको निकालना है।

इंटीग्रेटेड तरीके से होगी जांच
गृह मंत्री ने कहा कि इस पूरे नेटवर्क को केवल एक-दो मामलों तक सीमित मानकर नहीं देखा जाएगा, बल्कि इंटीग्रेटेड रूप से जांच की जाएगी कि आखिर कौन, कहां से और किसके संरक्षण में अफीम की खेती करा रहा था।
उन्होंने कहा इंटीग्रेटेड रूप से सोचा जाएगा कि कौन कहां से खेती करा रहा था। अगर गैंग मिला तो पूरी तरह खत्म करेंगे। विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि अगर जांच में यह सामने आता है कि इसके पीछे कोई संगठित गिरोह या नेटवर्क काम कर रहा है, तो उसके खिलाफ बेहद कड़ी कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा,“अगर कोई गैंग इसके पीछे है तो उसे नस्तानाबूत किया जाएगा। व्यक्ति कोई भी हो, राज कानून का ही चलेगा। गृह मंत्री ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि मामले में किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे उसका राजनीतिक, सामाजिक या आर्थिक प्रभाव कितना भी क्यों न हो।
चार जिलों में पकड़ी गई अफीम की खेती
छत्तीसगढ़ में अब तक दुर्ग, बलरामपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में दो से अधिक स्थानों पर अफीम की खेती पकड़ी जा चुकी है। इस खुलासे के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
बीजेपी नेताओं के नाम भी आए सामने: दुर्ग और बलरामपुर में सामने आए मामलों में कुछ बीजेपी नेताओं के नाम भी चर्चा में आए हैं। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर जांच जारी है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।
इस पूरे मामले में राजस्थान और झारखंड कनेक्शन भी सामने आने से जांच और गंभीर हो गई है। माना जा रहा है कि यह मामला सिर्फ स्थानीय स्तर का नहीं, बल्कि राज्य से बाहर जुड़े बड़े नेटवर्क से भी संबंधित हो सकता है।



