चक्रवात ‘अर्नब’ का कहर: आंध्र प्रदेश के तट से टकराया महाचक्रवात, छत्तीसगढ़ में भारी बारिश का अलर्ट; कई जिलों में स्कूल बंद

रायपुर। बंगाल की खाड़ी से उठा महाचक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ आंध्र प्रदेश के तट से टकरा गया है। बुधवार तड़के करीब 2 बजे शुरू हुई लैंडफॉल की प्रक्रिया के दौरान तूफान ने तटीय इलाकों में भारी असर दिखाया। 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जबकि हवा के झोंकों की गति 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका जताई गई। तूफान के कारण आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो रही है। कई जगहों पर पेड़ गिरने, मकानों की छतें क्षतिग्रस्त होने और निचले इलाकों में पानी भरने की खबरें हैं।
चक्रवात का असर अब तटीय राज्यों से आगे बढ़ने की आशंका है। मौसम विभाग ने छत्तीसगढ़ सहित मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश के लिए बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। छत्तीसगढ़ में 28 और 29 अक्टूबर को कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही तेज हवाएं चलने, आंधी-तूफान आने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
छत्तीसगढ़ में दिख रहा असर
चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल गया है। दक्षिण और मध्य छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। मौसम की संभावित गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार और जिला प्रशासन सतर्क हैं। लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कई जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित
चक्रवाती तूफान और भारी बारिश की आशंका को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा के लिए छत्तीसगढ़ के कई जिलों में बुधवार, 28 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है। दंतेवाड़ा, बीजापुर, बालोद, कांकेर और राजनांदगांव में कलेक्टरों के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारियों ने छुट्टी के आदेश जारी किए हैं।
धमतरी जिले में भी बुधवार को सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। बालोद जिले में शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल तथा हायर सेकेंडरी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।
प्रशासन का यह कदम खराब मौसम के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।




