CG Bulletin EXCLUSIVE: कोरबा जिले में 19 लाख की सड़क में मुरुम गायब, ग्राम सभा में खुला गोलमाल

कोरबा। उमेश यादव। कोरबा जिले की धनगांव पंचायत में नेवारटिकरा तक प्रस्तावित सड़क निर्माण में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। वर्ष 2023–24 में ग्रामीणों की सुविधा के लिए 19 लाख रुपये की लागत से मानव श्रम आधारित मुरुम सड़क स्वीकृत की गई थी, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। सोशल ऑडिट और ग्राम सभा के दौरान जब रिकॉर्ड की सच्चाई सामने आई, तो पंचायत से लेकर जिम्मेदार एजेंसियों तक हड़कंप मच गया।

ग्राम सभा में प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, इस सड़क निर्माण कार्य में करीब 14 लाख रुपये के काम को पूरा दिखाया गया है। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर न तो उतनी लंबाई में सड़क नजर आई और न ही निर्धारित मानकों के अनुसार मुरुम की परत दिखाई दी। कुछ हिस्सों में केवल मिट्टी डालकर रास्ता समतल करने की कोशिश की गई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई।
स्थानीय ग्रामीणों के मुताबिक, जैसे ही ग्राम सभा में सवाल उठे, आनन-फानन में ट्रैक्टर से मुरुम गिराने का काम शुरू कराया गया। ग्रामीणों ने जब इसका विरोध किया और जवाब मांगा, तो संबंधित लोग मौके से भाग खड़े हुए। इससे यह संदेह और गहरा गया कि ग्राम सभा से पहले तक काम कागजों में ही सीमित था।

ग्रामीणों का कहना है कि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह सड़क किस विभाग के अंतर्गत बनाई जा रही थी और किस ठेकेदार या एजेंसी को इसका दायित्व सौंपा गया था। पंचायत स्तर पर भी कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। यही नहीं, मानव श्रम से होने वाले कार्य में मशीनों के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

मामले को गंभीर मानते हुए ग्रामीणों ने निर्णय लिया है कि इसकी शिकायत जनपद पंचायत, जिला प्रशासन और उच्च अधिकारियों तक लिखित रूप में भेजी जाएगी। ग्रामीणों की मांग है कि तकनीकी जांच, सोशल ऑडिट की पुनः समीक्षा और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की गड़बड़ी न हो।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते जांच नहीं हुई, तो यह सड़क भी कागजों में बनकर रह जाएगी। अब सबकी नजरें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।देखना होगा कि 19 लाख की यह सड़क भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ेगी या सच्चाई सामने आने के बाद न्याय होगा।




