
कोरबा में एल्यूमिना परिवहन को मिलेगा बढ़ावा, सड़क परिवहन पर निर्भरता घटाने की तैयारी
रायपुर। छत्तीसगढ़ स्थित भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड (BALCO) ने अपनी एल्यूमिना सप्लाई चेन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने अपने रेलवे यार्ड में दूसरा बोगी टैंक एल्युमिना पाउडर (BTAP) M-1 (B12) रेलवे रैक शामिल किया है।
यह रेलवे रैक भारतीय रेलवे की लिबरलाइज्ड स्पेशल फ्रेट ट्रेन ऑपरेटर (LSFTO) योजना के तहत शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य रेल के माध्यम से एल्यूमिना के परिवहन को बढ़ाना, सड़क परिवहन पर निर्भरता कम करना और लंबे समय में लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाना है।
कोरबा तक पहुंचती है हजारों टन एल्यूमिना
एल्युमिनियम उत्पादन से पहले उसके प्रमुख कच्चे माल एल्यूमिना को उत्पादन संयंत्र तक पहुंचाया जाता है। BALCO के कोरबा स्थित स्मेल्टर तक हर साल हजारों टन एल्यूमिना का परिवहन किया जाता है। रायपुर से करीब 220 किलोमीटर दूर कोरबा में एल्यूमिनियम उत्पादन के लिए कच्चे माल की समय पर और भरोसेमंद आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण है।
सप्लाई चेन में किसी भी तरह की बाधा उत्पादन प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में रेल परिवहन की क्षमता बढ़ाना BALCO के लिए अहम कदम माना जा रहा है।

1 MTPA लक्ष्य की ओर बढ़ रही कंपनी
BALCO अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 1 MTPA यानी 10 लाख टन प्रति वर्ष के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए कच्चे माल की लगातार और सुचारु आपूर्ति आवश्यक है।
रेल परिवहन के जरिए बड़ी मात्रा में एल्यूमिना को सुरक्षित और नियमित तरीके से पहुंचाया जा सकता है। इसके साथ ही रेल के अधिक इस्तेमाल से सड़क परिवहन पर निर्भरता और लॉजिस्टिक्स से जुड़े उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
निगरानी व्यवस्था भी मजबूत
BALCO के अनुसार प्लांट यार्ड में लाइव मॉनिटरिंग, केंद्रीकृत CCTV निगरानी और लगातार परिचालन निगरानी की व्यवस्था की गई है। इससे टीमों को किसी भी स्थिति पर तेजी से प्रतिक्रिया देने और सप्लाई चेन में सामग्री की आवाजाही को सुचारु बनाए रखने में मदद मिलती है।
कंपनी का कहना है कि रेल परिवहन को बढ़ावा देना वेदांता समूह के 2030 तक नेट जीरो कार्बन के लक्ष्य की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।



