राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी पर घमासान, सांसद बृजमोहन की अध्यक्षता वाली समिति ने आयोजन रद्द किया, मंत्री बोले तय समय में होगा आयोजन

कांग्रेस ने स्कूल शिक्षा मंत्री का मांगा इस्तीफा
रायपुर। छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय रोवर–रेंजर जंबूरी को लेकर बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक टकराव सामने आ गया है। एक ओर Bharat Scouts and Guides, छत्तीसगढ़ राज्य परिषद के वैधानिक अध्यक्ष एवं सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने आयोजन को तत्काल प्रभाव से स्थगित करने का दावा किया है, वहीं दूसरी ओर राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने साफ कहा है कि जंबूरी अपने तय कार्यक्रम के अनुसार होगी और किसी प्रकार की अनियमितता नहीं हुई है।
सांसद बृजमोहन का दावा:
नियमों की अनदेखी, वित्तीय अनियमितताएं हुई। राज्य परिषद की बैठक के बाद जारी बयान में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि आयोजन स्थल नया रायपुर से बदलकर बालोद करना परिषद की अनुमति के बिना हुआ।
₹10 करोड़ की स्वीकृत राशि संस्था के खाते के बजाय जिला शिक्षा अधिकारी, बालोद के खाते में ट्रांसफर की गई।
टेंडर प्रक्रिया में गंभीर खामियां और निर्माण कार्य बिना विधिवत प्रक्रिया के पूरे किए जाने के आरोप हैं।
इन तथ्यों के आधार पर परिषद ने जंबूरी स्थगित करने का निर्णय लिया और कहा कि यदि इसके बावजूद आयोजन होता है, तो पूरी जिम्मेदारी स्कूल शिक्षा विभाग की होगी।
मंत्री गजेंद्र यादव का पलटवार: आयोजन तय, सब कुछ नियमों में
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सांसद के दावों को खारिज करते हुए कहा जंबूरी 9 से 13 जनवरी तक दुधली, बालोद में ही होगी।
सभी कार्य नियमों और प्रक्रियाओं के तहत किए गए हैं।सोशल मीडिया व कुछ माध्यमों में स्थगन की खबरें भ्रामक हैं।
मंत्री के मुताबिक, आयोजन की तैयारियां पूरी हैं और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
कन्फ्यूजन किसका? सवाल कई
दो संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के विपरीत दावों ने रोवर–रेंजरों, अभिभावकों और प्रशासन—सबको असमंजस में डाल दिया है। सवाल उठ रहे हैं कि—अंतिम निर्णय लेने का वैधानिक अधिकार किसके पास है? फंड ट्रांसफर और टेंडर पर स्पष्टता कब आएगी? यदि आयोजन हुआ तो जवाबदेही किसकी होगी
राष्ट्रीय स्तर के इस प्रतिष्ठित आयोजन पर सियासी खींचतान ने छत्तीसगढ़ की साख और प्रशासनिक समन्वय पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब निगाहें इस बात पर हैं कि आयोजन स्थल पर कल होने वाली प्रेस वार्ता से स्थिति स्पष्ट होती है या टकराव और गहराता है।
कांग्रेस ने गजेंद्र यादव के इस्तीफे की मांग की
कांग्रेस नेता सुबोध हरितवाल ने कहा कि बृजमोहन अग्रवाल के बयान से साफ है कि जंबूरी आयोजन में भ्रष्टाचार हुआ है। स्कूल शिक्षा विभाग नियमों को ताक पर रखकर आयोजन कराने जा रहा है। यह पूरे मामले की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने आगे कहा कि आयोजन से जुड़े वित्तीय लेन–देन और टेंडर प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े हो चुके हैं।
जब स्वयं संस्था के वैधानिक अध्यक्ष अनियमितताओं की बात कर रहे हैं, तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।”




