सुकमा में बाढ़ के बीच CM साय का बड़ा ऐलान: 300 परिवारों को ₹10-10 हजार अतिरिक्त राहत

रायपुर – सुकमा जिले के कोंटा क्षेत्र में भारी बारिश के बाद सबरी नदी का जलस्तर बढ़ने से कई नदी किनारे बसे गांव प्रभावित हुए हैं। कोंटा नगर पालिका के चार वार्डों में भी बाढ़ का पानी भर गया। हालात को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत शिविर बनाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। हालिया रिपोर्टों में कोंटा क्षेत्र में सबरी नदी के खतरे के निशान से ऊपर बहने की भी जानकारी सामने आई थी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि करीब 3,000 प्रभावित लोगों के लिए 19 राहत शिविर बनाए गए हैं। इन शिविरों में प्रभावित परिवारों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री साय ने आज प्रभावित इलाकों का दौरा कर क्षतिग्रस्त मकानों का जायजा लिया और राहत शिविरों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन करने के निर्देश दिए। सीएम ने अधिकारियों से कहा कि मकान, पशुधन और फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कर जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
300 परिवारों को अतिरिक्त ₹10 हजार
मुख्यमंत्री ने बताया कि करीब 300 परिवार ऐसे हैं, जिनके घरेलू सामान को बाढ़ के पानी से नुकसान पहुंचा है। ऐसे परिवारों को मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त ₹10,000 की सहायता देने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों से बातचीत की गई है और सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जा रही सहायता को लेकर प्रभावित लोगों ने संतोष व्यक्त किया है।
लगातार बारिश के कारण छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बनी है। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और नुकसान के आकलन की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं।




