ePragati : ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ को धरातल पर उतारने का सशक्त माध्यम बना ई-प्रगति – सीएम साय

ई -प्रगति डिजिटल पोर्टल से केंद्र-राज्य के बीच बेहतर समन्वय, योजनाओं की सीधी निगरानी
छत्तीसगढ़ से संबंधित 200 मुद्दों में 183 का हुआ समाधान
रायपुर।छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर में ई-प्रगति डिजिटल पोर्टल के संदर्भ में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि इस पोर्टल के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हुआ है, जिससे योजनाओं और परियोजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी ढंग से हो रहा है।
पीएम स्वयं करते हैं योजनाओं की निगरानी
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ई-प्रगति पोर्टल के जरिए प्रधानमंत्री स्वयं केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की निगरानी करते हैं। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याएं, जैसे फॉरेस्ट क्लीयरेंस या अन्य प्रशासनिक अड़चनें, समय रहते सुलझ जाती हैं।
मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस का साकार रूप
सीएम साय ने कहा कि प्रगति पोर्टल का मूल उद्देश्य ‘मिनिमम गवर्नमेंट और मैक्सिमम गवर्नेंस’ है, जो आज पूरे देश में चरितार्थ हो रहा है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से निर्णय प्रक्रिया तेज हुई है और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है।
85 लाख करोड़ की 3300 परियोजनाएं पोर्टल में शामिल
उन्होंने बताया कि ई-प्रगति पोर्टल में देशभर की ₹85 लाख करोड़ से अधिक लागत की लगभग 3300 परियोजनाएं समाहित हैं। इन सभी परियोजनाओं पर बेहतर और नियमित निगरानी के चलते कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है।
अब योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं: मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले योजनाओं का शुभारंभ तो हो जाता था, लेकिन वे सालों तक धरातल पर नहीं उतर पाती थीं। ई-प्रगति पोर्टल के लागू होने के बाद प्रत्येक योजना की नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जा रही है, जिससे योजनाओं का लाभ समय पर जनता तक पहुंच रहा है।
छत्तीसगढ़ की योजनाओं की भी निरंतर समीक्षा
सीएम साय ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ में संचालित सभी प्रमुख योजनाओं की प्रगति और समीक्षा भी ई-प्रगति पोर्टल के माध्यम से सुनिश्चित की जा रही है, जिससे राज्य में विकास कार्यों को नई गति मिली है।




