छत्तीसगढ़

महासमुंद धान खरीदी में बड़ी लापरवाही उजागर, अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा को कलेक्टर का नोटिस, 24 घंटे में जवाब तलब

महासमुंद। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान के तहत महासमुंद जिले में चल रही प्रक्रिया के दौरान एक गंभीर प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। धान खरीदी केंद्रों के ऑनलाइन भौतिक सत्यापन में शिथिलता बरतने पर खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के अभिहित अधिकारी उमेश वर्मा को कलेक्टर विनय कुमार लंगेह ने कड़ी फटकार लगाते हुए नोटिस जारी किया है।

निरीक्षण में सामने आई चौंकाने वाली अनदेखी

जिले के 182 धान खरीदी केंद्रों में समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी जारी है, जिसकी निगरानी स्वयं कलेक्टर द्वारा जमीन स्तर पर की जा रही है। प्रतिदिन कई केंद्रों का औचक निरीक्षण कर लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई की जा रही है।इसी क्रम में बसना विकासखंड के तीन धान खरीदी केंद्र – बड़ेडाबा, गढ़फुलझर, हाड़ापथरा में नियुक्त नोडल अधिकारी उमेश वर्मा द्वारा अब तक ऑनलाइन भौतिक सत्यापन नहीं किए जाने का मामला उजागर हुआ।

कलेक्टर की सख्ती, कार्रवाई की चेतावनी

कलेक्टर ने इसे गंभीर प्रशासनिक चूक मानते हुए उमेश वर्मा को 24 घंटे के भीतर संतोषजनक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि उत्तर असंतोषजनक पाए जाने पर छत्तीसगढ़ अत्यावश्यक सेवा संधारण निवारण अधिनियम, 1979 के तहत कार्रवाई की जाएगी।चौंकाने वाली बात यह है कि नोटिस जारी होने के दो दिन बाद भी संबंधित अधिकारी द्वारा स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया गया, जिसे आदेश की अवहेलना माना जा रहा है।

हजारों क्विंटल धान की खरीदी, सत्यापन अब भी लंबित

जानकारी के अनुसार, इन तीनों केंद्रों में अब तक भारी मात्रा में धान की खरीदी हो चुकी है

बड़ेडाबा: 39,091 क्विंटल

गढ़फुलझर: 48,716 क्विंटल

हाड़ापथरा: 14,460 क्विंटल

इन आंकड़ों का सही मिलान और पारदर्शिता केवल ऑनलाइन भौतिक सत्यापन के बाद ही संभव है।

पहले भी सामने आ चुके हैं अनियमितताओं के मामले

जिले में पूर्व में भी समय पर सत्यापन नहीं होने के कारण कई खरीदी केंद्रों में अनियमितता और भ्रष्टाचार के मामले उजागर हो चुके हैं। इसी पृष्ठभूमि में महासमुंद प्रशासन इस बार किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

धान खरीदी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं: कलेक्टर विनय कुमार लंगेह की सख्ती से यह साफ संदेश गया है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील और किसान हित से जुड़े अभियान में लापरवाही करने वालों पर कठोर कार्रवाई तय है। प्रशासन ने सभी नोडल अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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CG Bulletin Desk1

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