कांग्रेस जिलाध्यक्षों की ट्रेनिंग पर सियासत तेज, अजय चंद्राकर और संतोष पांडे ने कसा तंज, कहा – “भविष्य भाजपा का”

रायपुर। कांग्रेस के जिला अध्यक्षों के लिए आयोजित की जा रही ट्रेनिंग को लेकर प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है। सत्तारूढ़ दल के नेताओं ने इस पहल पर निशाना साधते हुए इसे संगठन को “उबारने की कोशिश” बताया है।
पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने कांग्रेस की इस पहल पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी द्वारा जिलाध्यक्षों को “फ्री हैंड” देने की बात कही जा रही है। उनके अनुसार, यह ट्रेनिंग दरअसल कांग्रेस को दोबारा खड़ा करने की कवायद है। उन्होंने कहा कि जिस तरह की परिस्थितियाँ कांग्रेस के सामने हैं, उससे साफ है कि यह कार्यक्रम संगठनात्मक मजबूती से ज्यादा राजनीतिक पुनर्जीवन की कोशिश प्रतीत होता है।
इधर भाजपा सांसद संतोष पांडे ने भी कांग्रेस पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस में हिम्मत है तो राजधानी में ही ट्रेनिंग आयोजित करे, दिल्ली ले जाकर प्रशिक्षण देने की क्या जरूरत है। उन्होंने कहा, “जो करना है कर डालें, लेकिन प्रदेश में भविष्य भाजपा का ही है।”
भाजपा नेताओं के इन बयानों के बाद राजनीतिक माहौल और गरमा गया है। कांग्रेस की ओर से अब तक आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि पार्टी इस ट्रेनिंग के जरिए आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन को जमीनी स्तर पर सक्रिय और मजबूत बनाने की रणनीति पर काम कर रही है।प्रदेश की राजनीति में यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि दोनों प्रमुख दलों के बीच संगठनात्मक शक्ति और नेतृत्व को लेकर बयानबाज़ी का दौर जारी है।



