लोकतंत्र की पहली हत्या गांधी – नेहरू ने की: प्रकाश मुनि

रायपुर। धर्मगुरु पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब के एक बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने भारत के शुरुआती लोकतांत्रिक इतिहास पर सवाल उठाते हुए महात्मा गांधी और पंडित जवाहरलाल नेहरू को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी की।
पंथश्री प्रकाश मुनि नाम साहेब ने कहा कि “देश में लोकतंत्र की पहली हत्या गांधी और नेहरू ने की।” उन्होंने महात्मा गांधी को राष्ट्रपिता कहे जाने पर भी कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि इस संबोधन पर पुनर्विचार होना चाहिए।
धर्मगुरु ने दावा किया कि महात्मा गांधी ने ही जवाहरलाल नेहरू को आगे बढ़ाया, जबकि उस समय कांग्रेस के अंदर हुए चुनाव में लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल को 12 वोट मिले थे। इसके बावजूद, उनके अनुसार, शून्य वोट प्राप्त करने वाले जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया गया, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि यह फैसला देश के लोकतांत्रिक ढांचे की भावना के विपरीत था और इसी को लोकतंत्र की पहली हत्या बताया जा सकता है।
इस बयान के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। इस बयान को लेकर सियासी माहौल गर्मा सकता है और आने वाले समय में इस पर प्रतिक्रियाओं का दौर और तेज होने की संभावना है।




