जल संचय – जन भागीदारी 2.0 अभियान की प्रगति की समीक्षा, छत्तीसगढ़ के प्रयासों की हुई सराहना

रायपुर। जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने के उद्देश्य से संचालित जल संचय–जन भागीदारी 2.0 अभियान की प्रगति की समीक्षा को लेकर केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने वर्चुअल समीक्षा बैठक की। बैठक में विष्णु देव साय, संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और केंद्र–राज्य के प्रतिनिधि शामिल हुए।

समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में जल संरक्षण के क्षेत्र में हो रहे कार्यों, नवाचारों और जनभागीदारी आधारित प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य ने जल संरचनाओं के निर्माण और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण में उल्लेखनीय पहल की है, जो अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत है।मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बताया कि राज्य सरकार 31 मई तक 10 लाख जल संरचनाओं के निर्माण का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि डबरी निर्माण से वर्षा जल का संरक्षण होगा और इससे भू-जल स्तर में स्थायी वृद्धि संभव हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जल संरक्षण को केवल सरकारी कार्यक्रम न मानकर जन-आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जा रहा है।
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि युवाओं को “जल मित्र” के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण, जागरूकता और निगरानी की भूमिका निभा सकें। इससे अभियान को जमीनी स्तर पर मजबूती मिलेगी और आम लोगों की सहभागिता और बढ़ेगी।
केंद्रीय मंत्री ने राज्य के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए अभियान को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में जल संरक्षण को भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक बताते हुए समन्वित प्रयासों पर जोर दिया गया।



