छत्तीसगढ़

नक्सलवाद पर शाह का अल्टीमेटम – सरेंडर या संहार! कांग्रेस का तंज: रेड कार्पेट नक्सलियों के लिए नहीं, कॉरपोरेट के लिए बिछायेंगे

रायपुर – दिल्ली में ‘भारत मंथन-2025: नक्सल मुक्त भारत’ कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ के नक्सलियों को दो टूक संदेश दिया – “हथियार डालो, सरेंडर करो, तो रेड कार्पेट बिछाकर स्वागत करेंगे। लेकिन हमला किया, तो आत्मरक्षा में कोई छूट नहीं।” हाल ही में नक्सलियों द्वारा भेजे गए सीजफायर प्रस्ताव को सिरे से खारिज करते हुए शाह ने कहा, “कोई युद्धविराम नहीं। मार्च 31, 2026 तक लाल आतंक का सफाया हो जाएगा।

शाह ने कहा कि 2025 में अब तक 270 नक्सली ढेर, 680 गिरफ्तार और 1,225 ने सरेंडर किया है, जो मोदी सरकार की रणनीति की सफलता का प्रमाण है। शाह का संकल्प साफ है सरेंडर एकमात्र विकल्प है। उन्होंने ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट का जिक्र किया, जहां तेलंगाना-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर कर्रेगुट्टा हिल्स के नक्सली कैंप को नेस्तनाबूद कर 27 हार्डकोर नक्सलियों को मार गिराया गया। बस्तर के बीजापुर में 24 नक्सली मारे गए, जिससे नक्सलवाद की कमर टूट गई। नक्सलवाद हिंसा से जुड़ा है, विकास की कमी नहीं इसका कारण। वामपंथी बुद्धिजीवी जो इसे समर्थन देते हैं, उन्हें पहचानना होगा। शाह ने कहा छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के आने के बाद नक्सल उन्मूलन में तेजी आई है।

1003010105 removebg previewप्रदेश गृह मंत्री विजय शर्मा ने भी पहली बार टॉप नक्सली लीडर्स – सोनू, वेणुगोपाल, सतीश, भरसादेव और हिड़मा – के नाम लेकर अपील की, शीघ्र सरेंडर हो जाओ। हम रेड कॉर्पोरेट बिछाकर स्वागत करेंगे। शर्मा ने वैचारिक लड़ाई शुरू करने का ऐलान किया,नक्सलवाद के नाम पर आदिवासियों को भ्रमित किया गया। अब विचारों की जंग लड़ेगी सरकार।

1003010113 removebg previewरायपुर से बीजेपी सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कांग्रेस पर हमला बोला, “नक्सलवाद खत्म करने में कांग्रेस ने तत्परता नहीं दिखाई। वे कभी मन से नक्सलवाद समाप्त नहीं चाहते। नक्सलियों को संरक्षण देते रहे।अग्रवाल ने कहा कि भाजपा की ‘सरेंडर या संहार’ नीति से छत्तीसगढ़ नक्सलमुक्त होगा, और विकास की नई लहर चलेगी।

1002953108 removebg previewपीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा “रेड कार्पेट नक्सलियों के लिए नहीं, उद्योगपतियों के लिए बिछा रहे हैं। ये छत्तीसगढ़ के संसाधनों के दोहन के लिए है। बस्तर के बैलाडीला की तीन खदानों को बेच दिया, सरगुजा और कांकेर की माइंस भी दे दीं। बैज ने कहा, आदिवासी भूमि पर कब्जा हो रहा है, पर्यावरण बर्बाद हो रहा है। नक्सलवाद खत्म करने का बहाना बनाकर कॉरपोरेट लूट मचा रहे।

भाजपा का दावा है कि नक्सल उन्मूलन से विकास आएगा, लेकिन कांग्रेस इसे ‘कॉरपोरेट राज’ बता रही। शाह का छह महीने का अल्टीमेटम लाल आतंक के अंत का संकेत देता है, लेकिन क्या यह कॉरपोरेट हितों को बढ़ावा देगा? जैसा कांग्रेस आरोप लगा रही है। बहरहाल आने वाले दिनों में यह मुद्दा धधक सकता है।

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CG Bulletin Desk1

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