छत्तीसगढ़

TIGER ALERT IN SUKMA: सुकमा के जंगल में बाघ की दस्तक? मवेशी की मौत के बाद मिले पगमार्क, वन विभाग अलर्ट

कोयाबेकुर, नीलावरम, फूलबगड़ी और केरलपाल क्षेत्र में निगरानी बढ़ी, ग्रामीणों से शाम 4 बजे बाद जंगल नहीं जाने की अपील

सुकमा। सुकमा वनमंडल के सुकमा वन परिक्षेत्र में बाघ की संभावित मौजूदगी के संकेत मिले हैं। क्षेत्र में एक मवेशी के मारे जाने की सूचना के बाद वन विभाग और पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पशु चिकित्सकों की टीम ने भी घटनास्थल का परीक्षण किया। मौके से बाघ के संभावित पगमार्क मिलने के बाद वन विभाग ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है।वन विभाग के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर क्षेत्र में बाघ की संभावित आवाजाही पर नजर रखी जा रही है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित SOP के अनुरूप निगरानी और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

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कैमरा ट्रैप लगाए, वन अमला तैनात

संभावित बाघ के आवागमन वाले क्षेत्रों में वन विभाग की टीमों को तैनात किया गया है। ग्रामीणों को सतर्क करने के लिए मुनादी कराई जा रही है। साथ ही अलग-अलग स्थानों पर कैमरा ट्रैप लगाए गए हैं, ताकि बाघ की वास्तविक मौजूदगी और उसकी गतिविधियों की पुष्टि की जा सके।

वन विभाग ने कोयाबेकुर, नीलावरम, फूलबगड़ी और केरलपाल पंचायत सहित आसपास के वन क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

ग्रामीणों के लिए जरूरी सावधानियां

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि

  • शाम 4 बजे के बाद जंगल जाने से बचें।
  • जंगल में अकेले न जाएं, जरूरत होने पर समूह में ही जाएं।बाघ दिखाई देने पर उसके पास जाने या उसका पीछा करने की कोशिश न करें।
  • बाघ को देखने के लिए भीड़ न लगाएं।
  • बाघ को भगाने या पकड़ने का प्रयास न करें।
  • किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग को दें।
  • बाघ से संबंधित अपुष्ट फोटो, वीडियो या सूचना सोशल मीडिया पर प्रसारित न करें।
  • केवल वन विभाग और प्रशासन की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।

पुष्टि होने पर मवेशी मालिक को मिलेगा मुआवजा

वन विभाग ने बताया कि यदि जांच में मवेशी की मौत बाघ के हमले से होने की पुष्टि होती है, तो शासन के प्रचलित नियमों के अनुसार पात्र पशुपालक को उचित मुआवजा दिया जाएगा।

बाघ संरक्षित वन्यजीव, नुकसान पहुंचाने पर कार्रवाईबाघ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में संरक्षित वन्यजीव है। बाघ का शिकार, हत्या या शिकार का प्रयास कानूनन गंभीर अपराध है और इसके लिए कठोर दंड का प्रावधान है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि घबराएं नहीं, लेकिन पूरी सावधानी बरतें। बाघ की मौजूदगी की कोई भी जानकारी मिलने पर स्वयं कार्रवाई करने के बजाय तत्काल वन विभाग को सूचना दें।

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CG Bulletin Desk1

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