बालोद स्काउट–गाइड राष्ट्रीय जंबूरी विवाद हाईकोर्ट पहुंचा, सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने दायर की याचिका

अध्यक्ष पद से हटाने की प्रक्रिया को बताया असंवैधानिक
बिलासपुर। बालोद में प्रस्तावित भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जंबूरी को लेकर विवाद अब न्यायिक स्तर पर पहुंच गया है। सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में राज्य परिषद अध्यक्ष पद से उन्हें हटाने के प्रस्ताव को असंवैधानिक बताते हुए पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
याचिकाकर्ता का आरोप है कि अध्यक्ष पद से हटाने के प्रस्ताव से पहले न तो उन्हें कोई औपचारिक सूचना दी गई और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर। उनके अनुसार, पूरी कार्रवाई एकतरफा ढंग से की गई, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।
नवा रायपुर के बजाय बालोद पर आपत्ति
याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय स्तर की जंबूरी के लिए पूर्व में नवा रायपुर को उपयुक्त स्थल माना गया था, लेकिन नियमों और प्रक्रियाओं को दरकिनार करते हुए कार्यक्रम को गलत तरीके से बालोद स्थानांतरित किया गया। इसे संगठनात्मक व्यवस्था और निर्णय प्रक्रिया में गंभीर चूक बताया गया है।
5 जनवरी की बैठक और स्थगन का निर्णय: याचिका के अनुसार, 5 जनवरी को वैधानिक अध्यक्ष के रूप में बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य परिषद की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में जंबूरी को स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। इसके बावजूद, उनके अधिकारों को नजरअंदाज करते हुए कार्यक्रम आगे बढ़ाने की तैयारी की गई, जिससे अध्यक्ष पद को लेकर तकरार और गहराती चली गई।
शिक्षा विभाग की तैयारी, 9 से 13 जनवरी तक आयोजन
एक ओर जहां अध्यक्ष पद को लेकर विवाद जारी है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग की देखरेख में बालोद में जंबूरी की तैयारियां जारी हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार, 9 से 13 जनवरी तक भारत स्काउट्स एंड गाइड्स की राष्ट्रीय जंबूरी बालोद में आयोजित की जानी है।
अब यह मामला हाईकोर्ट के विचाराधीन है। अदालत के फैसले पर न केवल जंबूरी के भविष्य, बल्कि राज्य परिषद के प्रशासनिक ढांचे और वैधानिक प्रक्रियाओं की दिशा भी तय होगी।



