
रायपुर। छत्तीसगढ़ में धान खरीदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए धान खरीदी की अवधि बढ़ाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में किसान अब भी अपनी फसल बेचने से वंचित हैं, ऐसे में सरकार को संवेदनशीलता दिखाते हुए धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ानी चाहिए।भूपेश बघेल ने कहा, “मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वह धान खरीदी की तारीख बढ़ाए, ताकि किसी भी किसान के साथ अन्याय न हो।” उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा व्यवस्था के कारण किसान परेशान हैं और सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है।
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव ढकोसला
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि “यह कोई चुनाव नहीं, बल्कि ढकोसला है। एक ही आदमी फॉर्म भर रहा है और जब कोई अकेला रेस में दौड़ता है तो वह पहले आएगा ही।”उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मज़ाक बताया।
राशन व्यवस्था पर सरकार को घेरा
खराब राशन व्यवस्था को लेकर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के भोजन की व्यवस्था बंद कर दी गई है और अब जो राशन दिया जा रहा है, वह घटिया गुणवत्ता का है।
भूपेश बघेल ने कहा, “प्रदेश में शासन नाम की कोई चीज नहीं बची है। ऊपर से जो निर्देश आता है, वही काम होता है। जमीनी हकीकत से सरकार का कोई सरोकार नहीं है।”
किसानों और गरीबों की अनदेखी का आरोप: उन्होंने कहा कि धान खरीदी, राशन और पोषण जैसे मुद्दे सीधे तौर पर किसानों, गरीबों और बच्चों से जुड़े हैं, लेकिन सरकार इन बुनियादी सवालों पर विफल साबित हो रही है। पूर्व मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर धान खरीदी और जनकल्याण योजनाओं को लेकर बहस तेज हो गई है।



