सुशासन तिहार के फीडबैक के बाद बड़े प्रशासनिक फेरबदल के संकेत, कानून-व्यवस्था और जनशिकायतों की मॉनिटरिंग तेज

रायपुर। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार ने प्रशासनिक जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह को सचिवालय और मैदानी प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था और जनशिकायतों की मॉनिटरिंग तेज हो गई है।
विश्वस्त सूत्रों के अनुसार, अब राज्य के सभी 33 जिलों के कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन मुख्य रूप से कानून-व्यवस्था, जनसमस्याओं के निराकरण और शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन के आधार पर किया जाएगा। बताया जा रहा है कि हाल ही में संपन्न सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त फीडबैक और अधिकारियों के प्रदर्शन के आधार पर प्रशासनिक, पुलिस, राजस्व तथा अन्य विभागों में व्यापक फेरबदल की संभावना बन रही है।
सूत्रों के मुताबिक, पहली बार संभागवार नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है, जो जिलों में चल रहे विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं और प्रशासनिक गतिविधियों की सीधे निगरानी करेंगे। ये अधिकारी नियमित रूप से अपनी रिपोर्ट प्रमुख सचिव को सौंपेंगे, जिससे शासन स्तर पर त्वरित निर्णय लेने और समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी।सरकार ने हाल ही में सचिवालय स्तर पर भी कार्यों का पुनर्गठन किया है। वरिष्ठ अधिकारियों के विभागों में बदलाव कर जिम्मेदारियों का पुनर्वितरण किया गया है ताकि प्रशासनिक दक्षता और समन्वय को और मजबूत बनाया जा सके।
गौरतलब है कि सुबोध कुमार सिंह को ऊर्जा विभाग का प्रमुख सचिव नियुक्त करने के साथ-साथ राज्य की बिजली कंपनियों के अध्यक्ष का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है। सरकार का उद्देश्य ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, आधारभूत ढांचे को मजबूत करना और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना बताया जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि इन प्रशासनिक बदलावों का मुख्य उद्देश्य शासन में पारदर्शिता बढ़ाना, फाइलों के निपटारे में तेजी लाना, जनशिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी बनाना है। आने वाले समय में सुशासन तिहार से मिले फीडबैक के आधार पर मैदानी अमले में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।




