नारायणपुर में सुरक्षाबलों की बड़ी सफलता, 15 किलो का प्रेशर कुकर IED समेत भारी मात्रा में हथियार-विस्फोटक बरामद

नारायणपुर पुलिस और 53वीं वाहिनी आईटीबीपी की संयुक्त कार्रवाई, जंगल में छिपाया गया नक्सलियों का डम्प ध्वस्त
नारायणपुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित नारायणपुर जिले में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है। नारायणपुर पुलिस और 53वीं वाहिनी भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की संयुक्त टीम ने सर्चिंग अभियान के दौरान नक्सलियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखा गया हथियार एवं विस्फोटक सामग्री का डम्प बरामद किया। बरामद सामग्री में 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी, देशी रॉकेट लॉन्चर, मोर्टार राउंड और अन्य विस्फोटक सामग्री शामिल है।
पुलिस के अनुसार, नक्सलमुक्त घोषित क्षेत्रों में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने तथा नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से लगातार एरिया डॉमिनेशन और सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विश्वसनीय सूचना के आधार पर 7 जुलाई को अड़िंगपार कैंप से ग्राम एडसमेटा और आसपास के जंगल क्षेत्र में संयुक्त अभियान चलाया गया।
यह अभियान पुलिस अधीक्षक रोबिनसन गुड़िया के मार्गदर्शन में तथा 53वीं वाहिनी आईटीबीपी के कमांडेंट संजय कुमार एवं द्वितीय कमान संजय भारद्वाज के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। अभियान का नेतृत्व सहायक कमांडेंट आजाद सिंह ने किया। संयुक्त टीम में आईटीबीपी के 34 जवान, नारायणपुर पुलिस का एक प्रतिनिधि तथा पांच सदस्यीय बम निरोधक दस्ता शामिल था।सर्चिंग के दौरान जंगल में छिपाकर रखी गई विस्फोटक सामग्री बरामद की गई। मौके पर मिले 15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी को बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए नियंत्रित विस्फोट के जरिए सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया।
बरामद सामग्री में शामिल हैं:-
15 किलोग्राम वजनी प्रेशर कुकर आईईडी (सुरक्षित रूप से निष्क्रिय)
– स्थानीय स्तर पर निर्मित रॉकेट लॉन्चर – 1
– देशी 51 मिमी मोर्टार राउंड – 16
– देशी 84 मिमी रॉकेट लॉन्चर राउंड – 5
– देशी 40×46 मिमी बैरल ग्रेनेड लॉन्चर राउंड – 10- .303 राइफल के कारतूस – 8
– सामरिक पाउच – 4
अभियान पूरा होने के बाद संयुक्त सुरक्षा दल सुरक्षित रूप से अड़िंगपार कैंप लौट आया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान, एरिया डॉमिनेशन और सघन सर्चिंग लगातार जारी रहेगी, ताकि नक्सलियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण बनाए रखा जा सके।




