छत्तीसगढ़ में आदिवासी विकास को नई रफ्तार: शिक्षा, छात्रवृत्ति, खेल और रोजगार पर सरकार का बड़ा फोकस-मंत्री रामविचार नेताम

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने अनुसूचित जनजाति समुदाय के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा, छात्रवृत्ति, आवासीय सुविधाओं, खेल, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, सांस्कृतिक संरक्षण और रोजगार के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया है। यह बातें आदिम जाति विकास मंत्री रामविचार नेताम एवं प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन सोनमणि बोरा द्वारा विभागीय गतिविधियों एवं उपलब्धियों पर छत्तीसगढ संवाद के आडिटोरियम (अटल नगर, नवा रायपुर) में आज संयुक्त रूप से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुवे कहीं।
मंत्री नेताम ने कहा कि सरकार का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और बेहतर अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है।
प्रदेश में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का संचालन किया जा रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हुई है। वर्ष 2025-26 में 84 हजार से अधिक विद्यार्थियों को 94.57 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति सीधे डीबीटी के माध्यम से उनके बैंक खातों में भेजी गई।
राज्य में आदिवासी विद्यार्थियों के लिए 2,817 आश्रम और छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं। इनमें हजारों विद्यार्थियों को निःशुल्क आवास, भोजन और शिक्षा की सुविधा मिल रही है। छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को प्रतिमाह छात्रवृत्ति और भोजन सहायता भी प्रदान की जा रही है, जिससे उन्हें पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध हो सके।
सरकार ने आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए 75 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय संचालित किए हैं। इन विद्यालयों के विद्यार्थियों ने जेईई, नीट और राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वहीं ‘प्रयास’ आवासीय विद्यालयों से अब तक बड़ी संख्या में छात्र आईआईटी, एनआईटी, इंजीनियरिंग और एमबीबीएस जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में चयनित हुए हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए वर्ष 2026-27 से CG-ACE (CG Assistance for Competitive Examination) योजना शुरू की जाएगी। इसके माध्यम से संघ लोक सेवा आयोग, राज्य लोक सेवा आयोग, बैंकिंग, रेलवे, एसएससी, इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा।
खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 17 खेल परिसर संचालित किए जा रहे हैं। खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति, पोषण सहायता और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में आदिवासी खिलाड़ियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए सैकड़ों पदक जीते हैं।
सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में आदिम जाति विकास विभाग के लिए 2,136.26 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। साथ ही नए छात्रावास, खेल परिसर, शिक्षा सुविधाओं के विस्तार और दूरस्थ आदिवासी क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास के लिए भी कई नई घोषणाएं की गई हैं। विभाग का लक्ष्य आदिवासी युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार से जोड़ते हुए आत्मनिर्भर बनाना है।



