अनवर ढेबर को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत, छत्तीसगढ़ से बाहर रहने की शर्त

28 महीने बाद जेल से रिहाई का रास्ता साफ, गवाहों को प्रभावित करने की आशंका पर कोर्ट ने लगाई शर्त
नई दिल्ली/रायपुर। सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के कारोबारी अनवर ढेबर को अंतरिम जमानत दे दी है। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया है कि जमानत अवधि के दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहना होगा। भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने यह आदेश सुनाया।सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद करीब 28 महीने से जेल में बंद अनवर ढेबर की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है।
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। इस पर अदालत ने शर्त लगाई कि ढेबर छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे और जहां भी ठहरेंगे, वहां का स्थानीय पता और संपर्क नंबर जांच एजेंसियों को उपलब्ध कराएंगे। साथ ही ट्रायल के दौरान निचली अदालत में निर्धारित तिथियों पर उपस्थित होना भी अनिवार्य होगा।
अनवर ढेबर को छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के कथित मैनपावर सप्लाई कमीशन घोटाले में गिरफ्तार किया गया था। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की एफआईआर के अनुसार, मैनपावर सप्लाई एजेंसियों के बिल पास करने के बदले अवैध कमीशन वसूले जाने का आरोप है।
इससे पहले 13 मई 2026 को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की, जहां अदालत ने अंतरिम जमानत मंजूर करते हुए सख्त शर्तें लागू कीं।



