
आधी रात मुक्तिधाम में संदिग्ध गतिविधियां देखकर ग्रामीणों ने आरोपियों को घेरा, तीन मौके से फरार; मरी मछलियां, नींबू, सिंदूर और नारियल समेत पूजा सामग्री बरामद
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर से अंधविश्वास और तंत्र-मंत्र से जुड़ा हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जेल में बंद रिश्तेदार की जमानत कराने के लिए चार युवकों द्वारा श्मशान घाट में कथित तंत्र साधना किए जाने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इस दौरान छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीर समेत कुछ अन्य लोगों की तस्वीरें भी वहां रखी गई थीं।
मामला सीपत थाना क्षेत्र के देवरी गांव स्थित मुक्तिधाम का बताया जा रहा है। आधी रात श्मशान घाट में कुछ युवकों की संदिग्ध गतिविधियां देखकर ग्रामीणों ने उन्हें घेर लिया। इस दौरान एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया, जबकि उसके तीन साथी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकले।
मौके पर मिली चौंकाने वाली सामग्री
पुलिस और ग्रामीणों ने जब मौके का निरीक्षण किया तो वहां कथित तंत्र साधना से जुड़ी कई सामग्री मिली। इनमें मरी हुई मछलियां, नींबू, सिंदूर, नारियल और अन्य पूजा सामग्री शामिल बताई गई है। मौके से हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस की तस्वीर के अलावा दो अन्य लोगों की तस्वीरें भी मिलने की बात सामने आई है। इनमें एक तस्वीर जेल में बंद आरोपी के रिश्तेदार प्रियांशु की और दूसरी चाकूबाजी की घटना में घायल हुए व्यक्ति की बताई जा रही है।
सोशल मीडिया वीडियो देखकर बनाया तंत्र साधना का प्लान?
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए युवक ऋषिकेश कुमार ने पूछताछ में बताया कि उसका रिश्तेदार प्रियांशु चाकूबाजी के मामले में जेल में बंद है। उसकी जमानत कराने के लिए ही कथित तौर पर श्मशान में तंत्र साधना की जा रही थी।
बताया गया कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर एक कथित तांत्रिक का वीडियो देखा था। वीडियो में कथित तौर पर दावा किया गया था कि श्मशान में विशेष टोटका करने से अदालत से जमानत मिल सकती है। इसी दावे के बाद युवकों ने कथित तौर पर तंत्र साधना करने का फैसला किया।
तीन आरोपियों की तलाश जारी:ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और एक युवक को हिरासत में लिया। उसके तीन साथी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि श्मशान में वास्तव में क्या गतिविधि की जा रही थी और वहां तस्वीरें एवं अन्य सामग्री रखने के पीछे आरोपियों का उद्देश्य क्या था। मामले में पुलिस की विस्तृत जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट होगी।




