चित्र-विचित्र बस्तर सीजन-5 का सफल आयोजन, लोकसंस्कृति और विकास की दिखी अनूठी झलक

‘बदलता बस्तर’ थीम पर तीन दिवसीय आयोजन संपन्न, कला, संस्कृति और जनजातीय परंपराओं को मिला मंच
जगदलपुर। छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और बदलते स्वरूप को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से आयोजित चित्र-विचित्र बस्तर सीजन-5 ‘बदलता बस्तर’ का तीन दिवसीय आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। 30 अक्टूबर से 1 नवंबर तक आयोजित इस कार्यक्रम में बस्तर की सांस्कृतिक विरासत, लोककला और विकास की नई संभावनाओं की जीवंत झलक देखने को मिली।
परंपरा और आधुनिकता का संगम
‘बदलता बस्तर’ की थीम पर आधारित इस आयोजन में बस्तर की पारंपरिक पहचान को आधुनिक दृष्टिकोण के साथ प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से क्षेत्र की लोककला, सांस्कृतिक विरासत और जनजातीय परंपराओं को सामने लाने के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला और हुनर प्रदर्शित करने का अवसर मिला।
आयोजन ने बस्तर की उस पहचान को रेखांकित किया, जहां परंपराओं की समृद्ध विरासत के साथ विकास, नवाचार और नई संभावनाएं भी आकार ले रही हैं।
स्थानीय कला और प्रतिभाओं को मिला मंच
तीन दिनों तक चले इस आयोजन में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और विभिन्न गतिविधियों के जरिए बस्तर की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर पहुंचाने का प्रयास किया गया। कार्यक्रम ने स्थानीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने के साथ क्षेत्र की रचनात्मक प्रतिभाओं को एक साझा मंच प्रदान किया।
बदलते बस्तर की तस्वीर आई सामने
चित्र-विचित्र बस्तर सीजन-5 ने सांस्कृतिक विरासत और विकास के बीच समन्वय को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। आयोजन के जरिए बस्तर की परंपराओं को संरक्षित रखने और बदलते परिवेश में उनकी पहचान को आगे बढ़ाने का संदेश सामने आया।
इस तरह ‘बदलता बस्तर’ थीम पर आधारित यह आयोजन लोकसंस्कृति, स्थानीय प्रतिभाओं और विकास की संभावनाओं को एक मंच पर लाने वाला यादगार प्रयास साबित हुआ।



