
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने कहा- नशे के कारोबार से अर्जित संपत्तियां होंगी जब्त, अपराधियों पर सरकार की सख्त कार्रवाई
रायपुर। छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अनुराग अग्रवाल ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के वर्ष 2029 तक देश को नशा मुक्त बनाने के संकल्प का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि जिस दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ केंद्र की मोदी सरकार और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली राज्य सरकार ने बस्तर को नक्सलवाद से मुक्त करने की दिशा में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है, उसी तरह देश को नशा मुक्त बनाने का लक्ष्य भी पूरा होगा।
अनुराग अग्रवाल ने कहा कि नक्सलवाद की तरह नशा भी युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए गंभीर खतरा है। नक्सलवाद बंदूक से मारता है, जबकि नशा धीरे-धीरे पूरे परिवार और समाज को खोखला कर देता है। भाजपा सरकार जिस तरह नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही है, उसी तरह नारकोटिक्स के पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए भी सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) सहित तमाम जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। नशा मुक्त भारत, विकसित भारत के संकल्प की पहली शर्त है और 2029 तक इस लक्ष्य को हासिल किया जाएगा।
नशे के कारोबारियों की संपत्तियों पर भी कार्रवाई
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिस योजनाबद्ध तरीके से नक्सलवाद के खिलाफ अभियान चलाया है, उसी तर्ज पर नशे के कारोबार को जड़ से खत्म करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में एनडीपीएस मामलों में अब केवल नशे के सप्लायरों की गिरफ्तारी तक कार्रवाई सीमित नहीं है, बल्कि नशीले पदार्थों के उत्पादन के ठिकानों को भी चिन्हित कर नष्ट किया जा रहा है। इसके साथ ही नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों को जब्त और कुर्क करने की कार्रवाई भी की जा रही है। इससे अपराधी जेल से बाहर आने के बाद भी अवैध कमाई का लाभ नहीं उठा सकेंगे।
पांच वर्षों में 1.20 लाख किलो से अधिक गांजा नष्ट
अनुराग अग्रवाल ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2022 से 2026 के बीच छत्तीसगढ़ में कुल 4,960 प्रकरणों में 1,20,520 किलोग्राम से अधिक गांजे का नष्टीकरण किया गया है। इसके अलावा 27,95,574 नग नशीली दवाइयां, 1,000 किलोग्राम चरस, 9.5 ग्राम एमडीएमए, 1,011.82 ग्राम हेरोइन, 3,334.57 ग्राम अफीम एवं ब्राउन शुगर तथा 4,195 किलोग्राम डोडा-चूरा नष्ट किया गया है।
उन्होंने कहा कि ये आंकड़े नशे के खिलाफ राज्य सरकार की कार्रवाई को दर्शाते हैं। सरकार नशे के कारोबार से जुड़े नेटवर्क को खत्म करने और युवाओं को नशे से बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ नशा मुक्त प्रदेश और देश नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा।


