दिल्ली में बस्तर विकास मॉडल पर मंथन: अमित शाह से CM साय की अहम मुलाकात, जहां कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी सपना था, वहां अब डॉक्टर दे रहे दस्तक

नई दिल्ली। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात कर बस्तर में तेजी से बदल रहे हालात और विकास कार्यों की जानकारी साझा की। बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। चर्चा का मुख्य केंद्र नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और बस्तर के समग्र विकास का रोडमैप रहा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जिन दुर्गम इलाकों में कभी एम्बुलेंस पहुंचना भी मुश्किल था, वहां अब डॉक्टर, दवाइयां और स्वास्थ्य टीमें नियमित रूप से पहुंच रही हैं। ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत दूरस्थ गांवों तक पैदल पहुंचकर लोगों की जांच की जा रही है और गंभीर बीमारियों की समय रहते पहचान कर उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। अभियान के तहत एक महीने में 21.86 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच कर डिजिटल स्वास्थ्य प्रोफाइल तैयार किए जा चुके हैं।
बैठक में यह भी बताया गया कि बस्तर में पुराने सुरक्षा शिविरों को अब “जन सुविधा केंद्र” के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां ग्रामीणों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं से जुड़ी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अब तेजी से बदलाव की ओर बढ़ रहा है और केंद्र के सहयोग से सड़क, शिक्षा, रोजगार और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में काम हो रहा है। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सरकार अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
अमित शाह का बस्तर दौरा 18-19 मई को
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह 18 और 19 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे। नक्सलवाद के खात्मे के बाद यह उनका पहला बस्तर दौरा माना जा रहा है, जिसे काफी अहम माना जा रहा है।
दौरे के दौरान 19 मई को जगदलपुर में मध्य क्षेत्रीय परिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री शामिल होंगे।
उच्च स्तरीय बैठक में नक्सलवाद उन्मूलन के बाद की रणनीति, “बस्तर 2.0” ब्लूप्रिंट और क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों पर विस्तार से चर्चा होगी। साथ ही बस्तर के विकास मॉडल और भविष्य की योजनाओं पर भी मंथन किया जाएगा। बस्तर में यह बैठक सुरक्षा, विकास और नए बदलावों के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।


