सुकमा में तीन जिलों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, CM साय बोले – बस्तर के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, शिकायतों का हो समयबद्ध समाधान

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि शासन-प्रशासन की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी जब शासकीय योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और आम नागरिक को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने सुकमा जिला कलेक्टोरेट में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए यह निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश: मुख्यमंत्री ने बस्तर मुन्ने अभियान और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की समीक्षा करते हुए दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर दो से तीन दिनों तक लगातार शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जाए।
लंबित राजस्व मामलों के त्वरित निराकरण पर जोर: मुख्यमंत्री ने नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और अभिलेख सुधार जैसे मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा। बैठक में स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा वितरण और पुनर्वासित परिवारों को योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर भी चर्चा हुई।
महिला समूहों को मिलेगा “बस्तर ब्रांड” का नया मंच: मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों को झींगा पालन, बकरी पालन और मधुमक्खी पालन जैसे कृषि आधारित उद्यमों से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने महिला समूहों के उत्पादों को “बस्तर ब्रांड” के रूप में विकसित कर व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की बात कही।पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावासुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स और जंगल सफारी जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को बढ़ावा देने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने स्थानीय रोजगार और आदिवासी उद्यमिता को पर्यटन विकास से जोड़ने पर जोर दिया।
किसानों को वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के लिए जागरूक करने के निर्देशखरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी की सीमित उपलब्धता को देखते हुए एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन बनेगी जवाबदेह प्रशासन का माध्यम:मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे नागरिकों की शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिकायतों की उच्चस्तरीय निगरानी से अधिकारियों की जवाबदेही भी तय होगी।शिक्षा, स्वास्थ्य और नए आपराधिक कानूनों पर विशेष फोकसबैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की कमी वाले विषयों में एआई आधारित तकनीकों के उपयोग पर बल दिया तथा बीजापुर की “शिक्षा मितान” पहल की सराहना की।साथ ही सड़क सुरक्षा, नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और नशा मुक्ति अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से समन्वित, संवेदनशील और परिणामोन्मुख कार्यसंस्कृति अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों में शामिल किया जा सकता है।



