विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 गांवों की तस्वीर और तकदीर बदलेगा

मनरेगा से अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनहितकारी है नया कानून: CM साय
रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025 देश और प्रदेश के गांवों के लिए ग्रामीण विकास की दिशा में ऐतिहासिक बदलाव लेकर आएगा। प्रदेश भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे मनरेगा से अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यापक बताया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह अधिनियम किसानों, मजदूरों और गरीब वर्ग को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने 2014 में अपने पहले भाषण में ही गरीबों के कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताया था, और उसी सोच के तहत बिजली, शौचालय, आवास और जनधन जैसी योजनाएं लागू की गईं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार सुनिश्चित था, वहीं जी-राम-जी अधिनियम के तहत अब 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी जाएगी। इससे ग्रामीण मजदूरों की आय में सीधा इजाफा होगा। उन्होंने कहा कि मजदूरी का भुगतान सात दिनों के भीतर अनिवार्य होगा और देरी की स्थिति में मजदूर को अतिरिक्त राशि मिलेगी, जिससे भुगतान में होने वाली अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
कृषि हितों की रक्षा को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि बुवाई और कटाई के समय 60 दिनों तक कार्य स्थगन का प्रावधान किया गया है, ताकि किसानों को मजदूरों की कमी न हो और कृषि कार्य प्रभावित न हों। इससे ग्रामीण पलायन पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अधिनियम फर्जी मास्टर रोल, मशीनों के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार जैसी शिकायतों को समाप्त करेगा। इसमें जल सुरक्षा, ग्रामीण अधोसंरचना, आपदा प्रबंधन और आजीविका संवर्धन पर विशेष फोकस रहेगा। कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और कौशल विकास को बढ़ावा देकर गांवों में स्थायी रोजगार और समृद्धि का नया अध्याय लिखा जाएगा।प्रेस कॉन्फ्रेंस में भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।




