नया विमान खरीदेगी साय सरकार? CM साय ने दिया जवाब

रायपुर। मध्यप्रदेश सरकार द्वारा शासकीय विमान खरीदने के फैसले के बाद अब क्या छत्तीसगढ़ सरकार भी अपना विमान खरीदेगी? मीडिया के इस सवाल पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरकार का रुख स्पष्ट किया।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकारी विमान खरीदना केवल विमान की कीमत तक सीमित नहीं है, बल्कि उसके रखरखाव पर भी काफी खर्च आता है। विमान खरीदने के बाद उसके मेंटेनेंस, संचालन और अन्य जरूरी खर्चों की जिम्मेदारी भी सरकार को ही उठानी पड़ती है।
सीएम ने बताया कि किराए पर विमान लेने की स्थिति में मेंटेनेंस की जिम्मेदारी संबंधित कंपनी की होती है। ऐसे में सरकार को विमान के रखरखाव पर अलग से खर्च नहीं करना पड़ता। उन्होंने कहा कि किराए पर विमान लेने में अपेक्षाकृत कम खर्च आता है, जबकि विमान खरीदने के बाद उसके रखरखाव समेत कई अन्य खर्च सरकार को वहन करने होंगे।
इस बयान से फिलहाल यही संकेत मिलता है कि छत्तीसगढ़ सरकार विमान खरीदने के बजाय जरूरत के अनुसार किराए पर विमान लेने के विकल्प को अधिक व्यावहारिक मान रही है।
छत्तीसगढ़ का मौजूदा सरकारी विमान 2006 में खरीदा गया था
छत्तीसगढ़ सरकार के पास अपना शासकीय विमान King Air B-200 (VT-CTG) है। राज्य सरकार ने इसे वर्ष 2006-07 में खरीदा था। इस विमान से जुड़ी बड़ी घटना 6 दिसंबर 2021 को हुई थी। विमान रायपुर से जशपुर के लिए गया था और वापसी में रायपुर पहुंचने के बाद इसके दाहिने विंग (RH Wing) में नुकसान पाया गया। शुरुआत में नुकसान को मामूली डेंट और संभावित बर्ड हिट बताया गया था, लेकिन DGCA की जांच में विंग का डैमेज निर्धारित स्वीकार्य सीमा से अधिक पाया गया। 6 दिसंबर 2021 की घटना के बाद विमान लंबे समय तक ग्राउंडेड रहा।
विमान की खराबी के दौरान सरकार जरूरत के अनुसार निजी कंपनियों से हेलीकॉप्टर किराए पर भी लेती रही है। विधानसभा में दी गई जानकारी के अनुसार 2021-22 से 2024-25 (31 जनवरी 2025 तक) निजी हेलीकॉप्टर सेवाओं पर 249 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया था।
दो दशक पुराने सरकारी विमान का इस्तेमाल कर रही साय सरकार

मौजूदा समय में साय सरकार करीब 20 साल पुराने इस विमान का उपयोग सरकारी दौरों के लिए कर रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय समेत सरकार के मंत्री और अन्य VVIP जरूरत के मुताबिक सरकारी विमान से दौरे करते हैं। हालही में मुख्यमंत्री साय के विमान पर दिए बयान के मुताबिक सरकार नया विमान खरीदने के बजाय मौजूदा विमान के उपयोग पर जोर दे रही है, कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ सरकार का करीब 20 साल पुराना सरकारी विमान आज भी सरकारी वीवीआईपी यात्राओं का हिस्सा है,वहीं, जरूरत के अनुसार सरकार निजी विमान और हेलीकॉप्टर की सेवाएं भी ले रही है।




