हरित खनन में राष्ट्रीय पहचान: SECL को मिला ‘ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड’, 50 मिलियन टन उत्पादन का भी बनाया रिकॉर्ड

नई दिल्ली में मिला राष्ट्रीय सम्मान, चालू वित्तीय वर्ष में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन करने वाली कोल इंडिया की पहली अनुषंगी कंपनी बनी SECL
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) ने पर्यावरण संरक्षण और परिचालन प्रदर्शन, दोनों क्षेत्रों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को सतत एवं हरित खनन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए ‘ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड 2026’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली में आयोजित द टाइम्स इंटरनेट इकोप्रेन्योर्स अवॉर्ड्स 2026 समारोह में SECL के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन ने प्राप्त किया।
यह पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण, हरित ऊर्जा को बढ़ावा, वैज्ञानिक खान बंदी, भूमि पुनर्वास और पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए SECL के प्रयासों की राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण पहचान है।
इसी के साथ SECL ने चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 50 मिलियन टन कोयला उत्पादन का आंकड़ा पार कर एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। इसके साथ ही SECL, कोल इंडिया लिमिटेड की ऐसी पहली अनुषंगी कंपनी बन गई है जिसने चालू वित्तीय वर्ष में यह उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि भी दर्ज की है।
कोयला उत्पादन में दीपका परियोजना ने 11.8 मिलियन टन, गेवरा परियोजना ने 11.7 मिलियन टन और कुसमुंडा परियोजना ने 9.7 मिलियन टन उत्पादन कर सबसे बड़ा योगदान दिया। इसके अलावा सीआईसी कोलफील्ड्स ने 8.8 मिलियन टन, रायगढ़ क्षेत्र ने 5.9 मिलियन टन तथा कोरबा क्षेत्र ने 2.1 मिलियन टन कोयला उत्पादन किया।
इस अवसर पर SECL के सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि ग्रीन ट्रांज़िशन लीडरशिप अवॉर्ड कंपनी की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का सम्मान है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और देश की ऊर्जा सुरक्षा, दोनों SECL की प्राथमिकताएं हैं। आधुनिक तकनीक, सुरक्षित खनन और पर्यावरणीय उत्तरदायित्व के साथ कंपनी देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रही है।




