बहतराई स्टेडियम में गूंजा तीजा तिहार का उल्लास, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बहनों संग साझा की पर्व की खुशियां

चोरहादेवरी का नाम अब ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये देने की घोषणा
बिलासपुर। तीजा तिहार के उल्लास के बीच रविवार को बिलासपुर का बहतराई स्टेडियम छत्तीसगढ़ी संस्कृति और परंपराओं के रंग में सराबोर नजर आया। पारंपरिक वेशभूषा में बड़ी संख्या में पहुंचीं माताओं-बहनों के बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने तीजा मिलन समारोह में पर्व की खुशियां साझा कीं और सभी को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान शिव और माता पार्वती से प्रदेश की सभी बहनों के सुखी, समृद्ध और खुशहाल जीवन की कामना की।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि तीजा हमारी समृद्ध लोकसंस्कृति का पावन पर्व है। इसमें माताओं-बहनों का प्रेम, आस्था और परिवार की खुशहाली की कामना समाहित है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति और परंपराओं में तीजा का विशेष स्थान है। विवाहित बेटियों के मायके आने और परिवार के साथ पर्व मनाने की परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। ऐसे पर्व हमारी परंपराओं को जीवंत रखने के साथ परिवार और समाज के आत्मीय रिश्तों को भी मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति में नारी शक्ति को सदैव सम्मान का सर्वोच्च स्थान मिला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से 68 लाख से अधिक माताओं-बहनों को नियमित आर्थिक सहायता दी जा रही है और अब तक योजना की 31 किश्तों का भुगतान किया जा चुका है।
13.85 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं अब केवल शासकीय योजनाओं की लाभार्थी नहीं, बल्कि प्रदेश की विकास यात्रा की सक्रिय भागीदार हैं। राज्य में 13 लाख 85 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। स्व-सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से अपने परिवार की आर्थिक मजबूती का आधार बन रही हैं।उन्होंने कहा कि प्रदेश की बहनें आधुनिक तकनीक को अपनाकर भी आगे बढ़ रही हैं। ड्रोन दीदियां तकनीक के माध्यम से स्वरोजगार से जुड़कर प्रतिदिन 6 से 7 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। वहीं महिलाएं सेंटरिंग प्लेट व्यवसाय और ई-रिक्शा संचालन जैसे कार्यों से भी आत्मनिर्भर बन रही हैं।
विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका:मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वन संपदा और प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध प्रदेश है। सरकार का प्रयास है कि इन संसाधनों और विकास की संभावनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प है। इसे पूरा करने में मातृशक्ति की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। जब बहनें शिक्षित, सुरक्षित, स्वस्थ, आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर होंगी, तभी परिवार मजबूत होंगे और प्रदेश तेजी से आगे बढ़ेगा।
चोरहादेवरी अब ‘रामदेवरी’, बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख
मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को सौगात देते हुए बिल्हा विकासखंड के चोरहादेवरी गांव का नाम बदलकर ‘रामदेवरी’ किए जाने की घोषणा की। साथ ही माघी पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित होने वाले बेलतरा महोत्सव के लिए 30 लाख रुपये प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री की घोषणाओं का उपस्थित जनसमुदाय ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
तीजा हमारी संस्कृति और आत्मीयता का पर्व : अरुण साव
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपरा से जुड़ा महत्वपूर्ण पर्व है। यह माताओं और बहनों की आस्था, प्रेम और पारिवारिक समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कमल सखी परिवार द्वारा आयोजित तीजा मिलन समारोह की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन संस्कृति और परंपराओं को सहेजने के साथ समाज में आत्मीयता और आपसी जुड़ाव को मजबूत करते हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि तीजा तिहार छत्तीसगढ़ की संस्कृति, परंपरा और आस्था का प्रतीक है। राज्य सरकार महिलाओं के सम्मान, सशक्तीकरण और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है।बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि तीजा छत्तीसगढ़ की माटी और संस्कृति से जुड़ा पर्व है। इसमें माताओं-बहनों की आस्था, त्याग और पारिवारिक प्रेम की सुंदर झलक दिखाई देती है।

