छत्तीसगढ़

नरैया तालाब में 40 सालों से छठ पूजा की परंपरा कायम, हजारों व्रतियों ने डूबते सूर्य को दिया अर्घ्य

रायपुर। सूर्य उपासना और लोक आस्था के महापर्व छठ का तीसरा दिन राजधानी में श्रद्धा और आस्था के माहौल में मनाया गया। टिकरापारा स्थित नरैया तालाब छठ घाट में हजारों छठ व्रतियों ने पारंपरिक रीति से डूबते सूर्य को अर्घ्य अर्पित किया। इस अवसर पर सजे हुए घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुंदर सजावट, स्वागत द्वार, लाइट, टेंट और भंडारा की विशेष व्यवस्था की गई थी।

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नरैया तालाब छठ महापर्व आयोजन समिति के वीरेंद्र दुबे ने बताया कि इस तालाब में पिछले 40 वर्षों से लगातार छठ पूजा की जा रही है। जब शहर में केवल आमा तालाब और व्यास तालाब में छठ मनाया जाता था, तब भी यहां व्रती महिलाएं पूजा करने आती थीं। कई परिवारों की अब तीसरी पीढ़ी यहां पूजा में शामिल हो रही है।

नगर निगम और पुलिस को धन्यवाद देते हुए वीरेंद्र दुबे ने बताया कि नगर निगम की ओर से साफ-सफाई और सुरक्षा के लिए बेहतर इंतजाम किए गए हैं। समिति ने प्रशासन और पुलिस का आभार जताया। कल 28 अक्टूबर की सुबह उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ महापर्व का समापन होगा।

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CG Bulletin Desk1

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