शहरों में पेयजल, अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर सख्ती, डिप्टी CM अरुण साव के सख्त निर्देश, एक साल में स्थायी समाधान का लक्ष्य

रायपुर। छत्तीसगढ़ में शहरी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन मंत्री Arun Sao ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने पेयजल आपूर्ति, अवैध प्लॉटिंग और अवैध निर्माण पर सख्ती बरतने के निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि अगले एक वर्ष में पेयजल समस्याओं का स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।
दिनभर चली समीक्षा बैठक, अधिकारियों को कड़े निर्देश
रायपुर के सिविल लाइन स्थित सर्किट हाउस में आयोजित मैराथन बैठक में नगर निगमों और नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों, आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों और अभियंताओं की मौजूदगी में कार्यों की प्रगति पर चर्चा हुई।उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को शहरों की जरूरत के अनुसार कार्ययोजना बनाकर काम करने, निकायों की छवि सुधारने और गुणवत्ता युक्त निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय-सीमा में कार्य पूर्ण होना चाहिए और गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
पेयजल समस्या पर सख्ती, जिम्मेदारी तय होगी
लगातार मिल रही शिकायतों पर नाराजगी जताते हुए श्री साव ने कहा कि केवल बजट खर्च करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान जरूरी है। पेयजल आपूर्ति में लापरवाही पर जवाबदेही तय कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।धमतरी में पेयजल योजना में देरी पर उन्होंने कार्यपालन अभियंता को निलंबित करने और ठेकेदार पर पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए।
31 मई तक नालों की सफाई अनिवार्य
बरसात से पहले जलभराव रोकने के लिए सभी नगर निगमों में 31 मई तक बड़े नालों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई के निर्देश दिए गए हैं। जून के पहले सप्ताह में राज्य स्तरीय टीम निरीक्षण करेगी और लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर समयसीमा तय
Pradhan Mantri Awas Yojana (शहरी) के तहत अधूरे मकानों को सितंबर 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नए स्वीकृत आवासों का निर्माण बारिश से पहले शुरू करने को कहा गया है। निर्धारित समय में निर्माण पूर्ण करने वाले हितग्राहियों को मुख्यमंत्री गृह प्रवेश सम्मान योजना के तहत अतिरिक्त राशि भी मिलेगी।
अन्य योजनाओं और कार्यों की भी समीक्षा: बैठक में राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, अधोसंरचना विकास, अमृत मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, पीएम स्वनिधि योजना, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और आपदा प्रबंधन सहित कई योजनाओं की समीक्षा की गई।उप मुख्यमंत्री ने शहरों में भूजल रिचार्ज के लिए डीएमएफ, सीएसआर और जनसहयोग से रेन वाटर हार्वेस्टिंग को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए।


