सड़क सुरक्षा पर सख्ती: 5 महीने में 31 हजार वाहनों की फिटनेस जांच, 61 हजार से ज्यादा ई-चालान जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सरकार तकनीक आधारित निगरानी और आधुनिक परिवहन सुविधाओं का तेजी से विस्तार कर रही है। रायपुर स्थित मंत्रालय में आयोजित राज्य सड़क सुरक्षा परिषद की बैठक में सामने आया कि जनवरी से मई 2026 के बीच 31,604 वाहनों की फिटनेस जांच की गई, जबकि 61 हजार से अधिक चालान तकनीकी निगरानी तंत्र के माध्यम से जारी किए गए।
बैठक में उपमुख्यमंत्री Arun Sao, Vijay Sharma तथा परिवहन मंत्री Kedar Kashyap ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।बैठक में बताया गया कि रायपुर, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, कोरबा, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ सहित विभिन्न जिलों में संचालित आधुनिक वाहन फिटनेस केंद्रों में जनवरी से मई के दौरान 31,604 वाहनों की जांच की गई। प्रदेश में यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए 174 एएनपीआर (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे और 7 लिडार आधारित स्पीड कैमरे लगाए गए हैं, जिनके माध्यम से पांच महीनों में 61 हजार से अधिक ई-चालान जारी किए गए।
सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण के लिए अब तक 2 लाख 68 हजार 316 वाहनों में स्पीड गवर्नर लगाए जा चुके हैं। वहीं सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के कई जिलों में ई-ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक संचालित किए जा रहे हैं और वित्तीय वर्ष 2026-27 में आठ नए जिलों में इनके निर्माण की प्रक्रिया जारी है।
बैठक में यह भी बताया गया कि बिलासपुर और जगदलपुर में क्षेत्रीय ड्राइविंग प्रशिक्षण केंद्र संचालित हैं, जबकि 14 जिलों में ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर काम कर रहे हैं। नवा रायपुर स्थित प्रशिक्षण संस्थान में वर्ष 2025 में 15,779 और वर्ष 2026 में अप्रैल तक 4,064 वाहन चालकों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया गया है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर सरकार ने सख्त कार्रवाई भी की है। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच 2.86 लाख वाहनों से 62.21 करोड़ रुपये का शमन शुल्क वसूला गया, जबकि गंभीर मामलों में 7,434 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित या निरस्त किए गए।




