
रायपुर रेल मंडल के भिलाई स्थित चरोदा पीपी यार्ड में रिश्वतखोरी के मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई की है। ट्रैप कार्रवाई के दौरान CBI ने सीनियर DME अनमोल उइके और दीपक वर्मा को गिरफ्तार किया। दोनों को विशेष CBI अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने 4 दिन की CBI रिमांड मंजूर की है।
एक लाख के बिल के भुगतान के बदले मांगी रिश्वत
जानकारी के मुताबिक, एक ठेकेदार के करीब 86 लाख रुपये के बिल को पास कराने के एवज में 1 लाख रुपये की रिश्वत मांगे जाने की शिकायत CBI को मिली थी। शिकायत के सत्यापन के बाद एजेंसी ने ट्रैप की कार्रवाई की। मामले में दीपक वर्मा की भूमिका मध्यस्थ के तौर पर बताई जा रही है।
चरोदा पीपी यार्ड में दबिश
CBI की टीम ने गुरुवार शाम चरोदा स्थित रेलवे के पीपी यार्ड में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सीनियर DME अनमोल उइके के चेंबर में दस्तावेजों की जांच और पूछताछ की गई। जांच में रायपुर और दुर्ग की टीमों ने भी सहयोग किया।
दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही CBI: ट्रैप के बाद CBI ने बिल, टेंडर और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। डिजिटल रिकॉर्ड और अन्य संभावित लेन-देन की भी पड़ताल की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, अधिकारी के आवास पर भी जांच की गई और कुछ दस्तावेज व इलेक्ट्रॉनिक सामग्री जब्त की गई।
4 दिन की रिमांड में होंगे अहम सवाल :अब CBI दोनों आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि रिश्वत की मांग और भुगतान प्रक्रिया में और कौन-कौन लोग शामिल थे। जांच एजेंसी बिल पास कराने की पूरी प्रक्रिया और संभावित पुराने लेन-देन की भी पड़ताल कर सकती है। मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना है।



