बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन शहीदों को नमन, मंत्री केदार कश्यप ने शहीद परिवारों से की मुलाकात

मुरकीनार में 11 अमर शहीदों की स्मृति में हुआ वृक्षारोपण, गांव-गांव पहुंचा राष्ट्रभक्ति और विकास का संदेश
बीजापुर। आजादी के पर्व से पहले बस्तर तिरंगा यात्रा के तीसरे दिन बीजापुर में राष्ट्रभक्ति और शहीदों के सम्मान का भाव देखने को मिला। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया और शहीद परिवारों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।
मंत्री कश्यप ने कहा कि शहीदों का त्याग और तिरंगे का सम्मान हमें राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निरंतर स्मरण कराता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तिरंगा जनभागीदारी और राष्ट्र गौरव से जुड़कर जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
गांव-गांव पहुंच रहा तिरंगा यात्रा का संदेश
उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के माध्यम से राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत किया जा रहा है। बस्तर तिरंगा यात्रा भी गांव-गांव तक पहुंच रही है और युवाओं को उन वीर जवानों के बलिदान से जोड़ रही है, जिनके साहस और बलिदान के कारण बस्तर आज शांति, सुरक्षा और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
केदार कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विकसित भारत के विजन में बस्तर की महत्वपूर्ण भूमिका है। कभी नक्सल हिंसा और भय के कारण चर्चा में रहने वाला बस्तर अब तिरंगे के साथ शांति, विश्वास और विकास की नई पहचान बना रहा है।
मुरकीनार में 11 अमर शहीदों को किया नमन
यात्रा के तीसरे दिन सांस्कृतिक भवन मैदान बीजापुर से बाइक रैली निकाली गई। टी-पॉइंट शहीद द्वार पर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद ग्राम मुरकीनार में ‘एक पेड़ शहीद के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण किया गया।
मुरकीनार में वर्ष 2006 के कैंप हमले में सर्वोच्च बलिदान देने वाले 11 अमर शहीदों को याद करते हुए मंत्री कश्यप ने कहा कि बस्तर की शांति के लिए जवानों ने अपने प्राणों की आहुति दी है। उनके बलिदान को याद करने के साथ उनके परिवारों के साथ खड़ा रहना भी समाज और सरकार का दायित्व है।
उन्होंने कहा, “हमारे शहीदों का परिवार, हमारा अपना परिवार है। उनका सम्मान और उनके प्रति कृतज्ञता सदैव हमारी प्राथमिकता रहेगी।”



