कवर्धा में किसानों का 20 घंटे से चक्काजाम, NH-30 पर वाहनों की लंबी कतारें; रायपुर-बिलासपुर मार्ग बाधित

23 सूत्रीय मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ का आंदोलन जारी, स्कूल की छुट्टी और पेपर रद्द
कवर्धा। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में भारतीय किसान संघ का आंदोलन लगातार जारी है। अपनी 23 सूत्रीय मांगों को लेकर किसानों ने करीब 20 घंटे से चक्काजाम कर रखा है। इसके चलते नेशनल हाईवे-30 पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं और यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
किसानों के चक्काजाम के कारण रायपुर, बिलासपुर और राजनांदगांव की ओर जाने वाले मार्गों पर आवागमन बाधित होने की जानकारी सामने आई है। सड़क बंद होने से आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्कूली वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसान अपनी 23 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन के चलते हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
फिलहाल किसानों का आंदोलन जारी है। चक्काजाम समाप्त होने और यातायात बहाल होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।
स्कूल की छुट्टी और पेपर रद्द
इस आंदोलन का असर स्कूली बच्चों पर भी पड़ा है। स्कूली वाहनों की आवाजाही बंद होने के कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है और परीक्षाएं भी रद्द होने की जानकारी सामने आई है। सड़क जाम होने से जरूरी कामों के लिए निकलने वाले लोगों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
क्या है किसानों की मांगें
किसानों का कहना है कि गन्ने के दाम और बोनस से लेकर धान भुगतान, सिंचाई परियोजनाओं और मुआवजे तक उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं। किसान गन्ने पर 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस, बागवानी फसलों को कृषक उन्नति योजना में शामिल करने, दोनों शक्कर कारखानों का क्षमता विस्तार और गन्ने का त्वरित भुगतान चाहते हैं।
इसके साथ ही अधूरी नहर और जलाशय परियोजनाएं पूरी करने, लंबित भू-अर्जन मुआवजा देने और टूटे बांध-नहरों की मरम्मत की मांग भी उठाई जाएगी। किसानों ने साफ कहा है कि मांगों पर सकारात्मक जवाब नहीं मिला, तो आंदोलन को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा।



