SECL में 50वीं त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक, सुरक्षित खनन और दुर्घटनाओं की रोकथाम पर जोर

सीएमडी हरीश दुहन बोले—सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, आधुनिक तकनीक और सामूहिक प्रयासों से मजबूत होगी सुरक्षित कार्य संस्कृति
बिलासपुर। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) मुख्यालय बिलासपुर में 50वीं त्रिपक्षीय सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न हुई। 8 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस बैठक में सुरक्षित खनन संचालन, सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन, दुर्घटनाओं की रोकथाम और कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक की अध्यक्षता खान सुरक्षा महानिदेशालय के उप महानिदेशक, उत्तर अंचल गाजियाबाद के नीरज कुमार ने की। एसईसीएल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक हरीश दुहन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में शामिल हुए।
सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : हरीश दुहन
बैठक में एसईसीएल के सीएमडी हरीश दुहन ने कहा कि कंपनी में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षित खनन संचालन के लिए सुरक्षा मानकों का प्रभावी अनुपालन, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और प्रत्येक स्तर पर सतर्कता आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से सुरक्षित कार्य संस्कृति को और मजबूत बनाया जा सकता है।
खदानों में जोखिम नियंत्रण और आधुनिक तकनीकों पर चर्चा
बैठक के दौरान पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से एसईसीएल में सुरक्षा के लिए किए जा रहे कार्यों और विभिन्न पहलों की जानकारी दी गई। इसमें खदानों में सुरक्षा मानकों का पालन, संभावित जोखिमों की पहचान एवं नियंत्रण, दुर्घटनाओं की रोकथाम, कर्मचारियों का प्रशिक्षण और सुरक्षा प्रबंधन में डिजिटाइजेशन तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग जैसे विषयों पर चर्चा हुई।
विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधकों और सुरक्षा अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सुरक्षा की स्थिति तथा सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रस्तुत की।
ठेका कर्मियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में ठेका कर्मियों की सुरक्षा, उनके प्रशिक्षण और निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं के अनुपालन को भी महत्वपूर्ण विषय के रूप में उठाया गया। ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित विषयों पर अपनी भागीदारी निभाई।बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारियों, श्रमिकों और ठेका कर्मियों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। संभावित जोखिमों की समय रहते पहचान, नियमित प्रशिक्षण और सुरक्षा प्रक्रियाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से दुर्घटनाओं की आशंका कम की जा सकती है।
प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारियों और श्रमिक संगठनों की सहभागिता:बैठक में एसईसीएल की ओर से निदेशक मानव संसाधन बिरंची दास, निदेशक वित्त डी. सुनील कुमार, निदेशक तकनीकी (संचालन) रमेश चंद्र महापात्र तथा निदेशक तकनीकी (योजना एवं परियोजना) नृपेन्द्र नाथ उपस्थित रहे। मुख्यालय के विभागाध्यक्षों, विभिन्न क्षेत्रों के क्षेत्रीय महाप्रबंधकों, क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारियों और ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।
खान सुरक्षा महानिदेशालय के विभिन्न अंचलों एवं क्षेत्रों के अधिकारियों के साथ विद्युत, यांत्रिकी और व्यावसायिक सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों ने भी बैठक में सहभागिता की।
कंपनी सुरक्षा समिति की ओर से एचएमएस के आनंद मिश्रा, बीएमएस के संजय सिंह, एटक के बी. धर्मा राव, एसईकेएमएस के कमलेश शर्मा, सीटू के इंद्रदेव चौहान और सीएमओआईए के अनुप वि. राहाटे ने प्रतिनिधित्व किया। श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने सुझाव रखे।
शून्य दुर्घटना के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयास
बैठक में एसईसीएल प्रबंधन, खान सुरक्षा महानिदेशालय, कंपनी सुरक्षा समिति, क्षेत्रीय अधिकारियों और ठेका कंपनियों के प्रतिनिधियों के बीच खनन सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। प्रतिभागियों ने सुरक्षित खनन संचालन, सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन और शून्य दुर्घटना के लक्ष्य की दिशा में सामूहिक प्रयासों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।





