CGHIDB के अधिकारी – कर्मचारियों को AI और तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण, ओपी चौधरी ने बताया हाउसिंग बोर्ड का नया विजन

वर्कशॉप का शुभारम्भ कर बोले- विकसित छत्तीसगढ़ में हाउसिंग बोर्ड की बड़ी भूमिका होगी
रायपुर। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड और अधोसंरचना विकास मंडल (CGHIDB) को आधुनिक और सक्षम संस्थान के रूप में आगे बढ़ाने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को तकनीकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मैनेजमेंट स्किल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड को नए स्वरूप में विकसित कर आवास निर्माण के साथ प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में हाउसिंग बोर्ड की महत्वपूर्ण भागीदारी होगी।
आवास निर्माण के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर
ओपी चौधरी ने कहा कि पहले हाउसिंग बोर्ड मुख्य रूप से पारंपरिक और विभागीय तरीके से आवास निर्माण का काम करता था। अब इसे नए स्वरूप में आगे बढ़ाने की योजना है। इसके लिए संस्थान को सशक्त बनाने के साथ अधिकारी-कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल विकास पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि हाउसिंग बोर्ड की भूमिका केवल मकान बनाने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि छत्तीसगढ़ के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी इसकी महत्वपूर्ण भागीदारी होगी। सरकार की मंशा है कि हाउसिंग बोर्ड अपनी वित्तीय क्षमता और बेहतर प्रबंधन के जरिए बिना सरकारी बजट पर निर्भर हुए भी विकास परियोजनाओं को आगे बढ़ा सके।
AI और तकनीकी कौशल से मजबूत होगा कार्यप्रबंधन
वित्त मंत्री ने कहा कि वर्तमान दौर में तकनीकी कौशल, AI और मैनेजमेंट स्किल्स का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए कार्यशाला आयोजित की गई है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को नए दौर की तकनीक और प्रबंधन संबंधी कौशल से लैस करना जरूरी है, ताकि संस्थान की कार्यप्रणाली अधिक प्रभावी हो सके और विकास परियोजनाओं को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके।
मांग के आधार पर तैयार होंगी आवासीय परियोजनाएं
ओपी चौधरी ने कहा कि पहले कई बार मांग का पर्याप्त आकलन किए बिना आवासीय परियोजनाएं तैयार हो जाती थीं। इससे परियोजनाओं की उपयोगिता और आर्थिक व्यवहार्यता पर असर पड़ता था। अब सरकार ने इस व्यवस्था में सुधार किया है।
उन्होंने बताया कि परियोजनाओं में निर्धारित बुकिंग के मानकों को ध्यान में रखकर टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ाने की व्यवस्था की जा रही है। इससे आवासीय परियोजनाओं में मांग का आकलन करने और वित्तीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।
700 करोड़ रुपये के कर्ज से मुक्ति
वित्त मंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल के बाद हाउसिंग बोर्ड पर लगभग 700 करोड़ रुपये का कर्ज था। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने वित्तीय प्रबंधन और फाइनेंसिंग के माध्यम से संस्थान को कर्जमुक्त बनाने की दिशा में काम किया है।
ओपी चौधरी ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड को मजबूत बनाकर प्रदेश के विकास में उसकी भागीदारी बढ़ाई जाएगी। कर्मचारियों का कौशल विकास, आधुनिक तकनीक का उपयोग और बेहतर वित्तीय प्रबंधन इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कार्यशाला के आयोजन के लिए बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि इससे हाउसिंग बोर्ड की कार्यक्षमता बढ़ेगी और विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंहदेव ने कहा कि हाउसिंग बोर्ड को समय की जरूरतों के अनुरूप आगे बढ़ाने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों का कौशल विकास जरूरी है। तकनीकी दक्षता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और बेहतर प्रबंधन के जरिए बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। हमारा प्रयास है कि हाउसिंग बोर्ड आवास निर्माण के साथ-साथ प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए। इसके लिए कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, कार्यक्षमता बढ़ाने और परियोजनाओं को बेहतर तरीके से संचालित करने पर जोर दिया जा रहा है।




