छत्तीसगढ़ के साथ देशभर में पेट्रोल-डीजल महंगा, सियासत भी गरमाई

रायपुर। देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। नई दरें 15 मई से लागू हो चुकी हैं। केंद्र सरकार ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान-अमेरिका के बीच जारी संघर्ष को इसकी बड़ी वजह बताया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से क्रूड ऑयल महंगा हुआ है, जिसका असर अब घरेलू बाजार पर भी दिखने लगा है।
लगभग चार साल बाद पेट्रोलियम कंपनियों ने खुदरा कीमतों में बड़ा बदलाव किया है। रायपुर समेत देश के कई शहरों में पेट्रोल-डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। नई दरों के अनुसार दिल्ली में पेट्रोल 97.77 और डीजल 90.67 रुपए, मुंबई में पेट्रोल 106.68 और डीजल 93.14 रुपए, कोलकाता में पेट्रोल 108.74 और डीजल 95.13 रुपए तथा चेन्नई में पेट्रोल 103.67 और डीजल 95.25 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है।
कीमत बढ़ने और कई जगह पेट्रोल पंपों पर लंबी कतार लगने के बीच सांसद Brijmohan Agrawal ने कहा कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों की वजह से दाम बढ़े हैं, लेकिन सप्लाई पहले की तरह सामान्य है। उनके मुताबिक पैनिक बाइंग के कारण पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ रही है। उन्होंने लोगों से जरूरत के मुताबिक ही ईंधन खरीदने की अपील की।
वहीं प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Deepak Baij ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के 70 प्रतिशत से ज्यादा पेट्रोल पंप खाली हो चुके हैं और लोग रात से लाइन में लगकर पेट्रोल-डीजल लेने मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ जनता को ईंधन नहीं मिल रहा, दूसरी तरफ सरकार ने दाम बढ़ाकर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।विशेषज्ञों का मानना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन और माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका असर आने वाले दिनों में सब्जियों, दूध, राशन और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है।




