जमीन की नई गाइडलाइन दरों में बड़ा बदलाव, नई रिवाइज्ड गाइडलाइन दरें जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने जमीन की नई रिवाइज्ड गाइडलाइन दरें जारी कर दी हैं। 20 नवंबर से लागू हुई गाइडलाइन पर विभिन्न हितधारकों से मिले सुझावों पर विचार करते हुएसीएम विष्णुदेव साय और वित्त मंत्री ओपी चौधरी के निर्देश पर केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।ये संशोधन 8 दिसंबर से लागू हो गए हैं।
गाइडलाइन में हुए प्रमुख बदलाव
🔹 नगरीय क्षेत्रों में 1400 वर्गमीटर तक भूखंड पर इंक्रीमेंटल गणना का प्रावधान समाप्तअब पहले की तरह स्लैब आधारित मूल्यांकन लागू।
🔹 बहुमंजिला भवन में फ्लैट/दुकान/ऑफिस का मूल्यांकन अबसुपर बिल्टअप के बजाय बिल्टअप एरिया पर किया जाएगा।
🔹 बहुमंजिला/कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में• बेसमेंट व फर्स्ट फ्लोर पर 10% कमी• सेकंड फ्लोर तथा उससे ऊपर 20% कमी, मध्यम वर्ग को किफायती दरों पर फ्लैट मिल सकेंगे।
🔹 कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में मुख्य मार्ग से 20 मीटर दूरी के बाद स्थित संपत्तियों पर25% कम दर से मूल्यांकन।
🔹 ग्रामीण क्षेत्रों में परिवर्तित भूमि पर सिंचित का ढाई गुना दर लगाने की व्यवस्था खत्म।
🔹 दो फसली भूमि पर 25% अतिरिक्त मूल्य जोड़ने का प्रावधान समाप्त।
🔹 भूमि पर ट्यूबवेल, बोरवेल, कुआँ और वृक्षों का मूल्य जोड़ने की व्यवस्था समाप्त,रजिस्ट्री के खर्च में बड़ा फायदा और पेड़ों की कटाई की प्रवृत्ति खत्म।
🔹 शहर से लगे गांवों में 37.5 डिसमिल तक कृषि भूमि का मूल्यांकन अब वर्गमीटर नहीं,हेक्टेयर दर से होगा।
🔹 पहले निर्मित भवनों के लिए 21 प्रकार की दरें लागू थीं, अब केवल 2 दरें लागू होंगी,आमजनों के लिए बाजार मूल्य की गणना आसान।
आगे की प्रक्रिया🔹 जिला मूल्यांकन समितियों को निर्देश — 31 दिसंबर 2025 तक नए प्रपोजल फिर से भेजें।
🔹 संशोधन लागू — 8 दिसंबर 2025 से पूरे राज्य में प्रभावशील।






