
नई दिल्ली। रायपुर लोकसभा से सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने पुलिस तंत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण के लिए डिजिटल सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने संसद में ‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ के दृष्टिकोण के तहत पुलिस रिपोर्ट के डिजिटाइजेशन और ऑटो-डिलीवरी का मुद्दा उठाया।सांसद अग्रवाल द्वारा उठाए गए प्रश्न के लिखित उत्तर में गृह मंत्रालय ने जानकारी दी कि CCTNS 2.0 के माध्यम से पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और चोरी हुए वाहनों की नॉन-ट्रेसेबल रिपोर्ट को ऑनलाइन डाउनलोड करने की सुविधा विकसित की जा रही है। इससे पीड़ित नागरिकों को रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए बार-बार पुलिस थानों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
CCTNS 2.0 से मिलेगी ई-साइन रिपोर्ट की सुविधा
गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि उन्नत CCTNS 2.0 प्रणाली, जिसे नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो द्वारा विकसित किया जा रहा है, नागरिकों को कानूनी रूप से मान्य और ई-साइन युक्त रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है। यह सुविधा पूरी तरह डिजिटल होगी और पुलिस स्टेशन जाने की आवश्यकता को कम करेगी।
देशव्यापी क्रियान्वयन के लिए राज्यों का सहयोग आवश्यक
मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि CCTNS 2.0 के नए फीचर्स को लागू करने से पहले राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की पुलिस के साथ व्यापक परामर्श किया जाएगा। वर्तमान में FIR की प्रति, शिकायत की स्थिति ट्रैकिंग सहित 9 प्रमुख नागरिक सेवाएं पहले से ही राज्य पुलिस के सिटीजन पोर्टल पर उपलब्ध हैं। प्रस्तावित अपग्रेड इन सेवाओं के दायरे को और विस्तृत करेगा।
‘ईज़ ऑफ़ लिविंग’ की दिशा में बड़ा कदम
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि यह पहल हज़ारों परिवारों को समान, पारदर्शी और समयबद्ध कानूनी सेवाएं प्रदान करने में सहायक होगी। साथ ही, डिजिटल प्रक्रिया से मानवीय हस्तक्षेप कम होगा, जिससे पुलिस से जुड़े भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सकेगा।उन्होंने विश्वास जताया कि CCTNS 2.0 का सफल और समन्वित क्रियान्वयन देशभर में न्यायिक प्रक्रियाओं को सरल, तेज़ और भरोसेमंद है।




