ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान के लिए वेदांता बाल्को की दो बड़ी पहल, AI से होगी स्क्रीनिंग

रायपुर/नया रायपुर। ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बीमारी की समय रहते पहचान सुनिश्चित करने के लिए वेदांता समूह ने दो अहम साझेदारियों की घोषणा की है। छत्तीसगढ़ के नया रायपुर स्थित बाल्को मेडिकल सेंटर (BMC) ने स्विट्जरलैंड के DEAR Foundation और ट्रांसलेशनल एआई फॉर नेटवर्क्ड यूनिवर्सल हेल्थकेयर (TANUH) फाउंडेशन के साथ दो समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इन पहलों के जरिए महिलाओं तक ब्रेस्ट हेल्थ से जुड़ी जानकारी पहुंचाने, स्वयं जांच के प्रति जागरूक करने और AI आधारित स्क्रीनिंग तकनीक विकसित करने पर काम किया जाएगा।

11 भाषाओं में मिलेगी ब्रेस्ट सेल्फ-एग्जामिनेशन की जानकारी
DEAR Foundation के साथ साझेदारी के तहत बाल्को मेडिकल सेंटर संसाधनों की कमी वाले क्षेत्रों की महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर के प्रति जागरूक करेगा। इसके लिए ‘Dear You’ नाम के निःशुल्क मोबाइल ऐप का उपयोग किया जाएगा।यह ऐप हिंदी सहित 11 भाषाओं में स्तनों की स्वयं जांच करने के लिए चरणबद्ध जानकारी उपलब्ध कराता है। साथ ही, नियमित रूप से जांच करने के लिए रिमाइंडर भी भेजता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपने स्तनों में होने वाले असामान्य बदलावों के प्रति जागरूक करना और जरूरत पड़ने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए प्रेरित करना है।
AI आधारित स्क्रीनिंग टूल विकसित करेंगे BMC और TANUH
बाल्को मेडिकल सेंटर और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु में स्थित TANUH Foundation मिलकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्क्रीनिंग टूल विकसित करने की दिशा में काम करेंगे। इस पहल का उद्देश्य ब्रेस्ट कैंसर की पहचान के लिए तकनीक आधारित तरीकों को बढ़ावा देना और स्क्रीनिंग को अधिक सुलभ बनाने में मदद करना है।
ब्रेस्ट हेल्थ क्लिनिक में जांच से रिकवरी तक देखभाल
बाल्को मेडिकल सेंटर अपने कॉम्प्रिहेंसिव ब्रेस्ट हेल्थ क्लिनिक के माध्यम से महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर की जांच, इलाज और रिकवरी के विभिन्न चरणों में सहायता उपलब्ध करा रहा है। विशेषज्ञों की बहुविषयक टीम मरीजों की जरूरत के अनुसार उपचार और देखभाल की व्यवस्था करती है।अस्पताल का उद्देश्य केवल कैंसर का इलाज करना ही नहीं, बल्कि मरीजों को उपचार के दौरान और उसके बाद भी जरूरी सहयोग देना है।
22 साल की उम्र में कैंसर, इलाज के बाद बनीं वकील
बीएमसी में इलाज कराने वाली मरीजों की कहानियां भी इस दिशा में समय पर उपचार और निरंतर देखभाल के महत्व को सामने लाती हैं।रायपुर की 39 वर्षीय दीपिका कन्नोजे को ब्रेस्ट में गांठ का पता चलने के बाद बीएमसी में कीमोथेरेपी, सर्जरी, रेडिएशन और पुनर्वास की सुविधा मिली। लिम्फ नोड्स की सर्जरी के बाद लिम्फोएडेमा यानी सूजन के जोखिम को कम करने के लिए उनकी LYMPHA प्रक्रिया भी की गई।
वहीं, राजेश्वरी जायसवाल को महज 22 वर्ष की उम्र में, एलएलबी की पढ़ाई के दौरान ब्रेस्ट कैंसर का पता चला। उन्होंने बीएमसी में कीमोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी, सर्जरी और रेडिएशन के जरिए उपचार कराया। इलाज के बाद उन्होंने अपनी डिग्री पूरी की और आज बिलासपुर हाई कोर्ट में वकालत कर रही हैं। वह नियमित रूप से फॉलो-अप जांच भी कराती हैं।
जागरूकता और तकनीक से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहल
वेदांता समूह की इन साझेदारियों का फोकस महिलाओं तक ब्रेस्ट हेल्थ से जुड़ी जानकारी पहुंचाने, समय पर जांच को प्रोत्साहित करने और तकनीक के माध्यम से स्क्रीनिंग की संभावनाओं को मजबूत करने पर है। बाल्को मेडिकल सेंटर का लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को शुरुआती पहचान से लेकर उपचार और रिकवरी तक व्यापक देखभाल उपलब्ध कराने में मदद करना है।



