सरगुजा की 69% महिलाएं कामकाजी गतिविधियों से जुड़ीं, रायपुर भी टॉप-3 में

रायपुर – छत्तीसगढ़ के रोजगार बाजार को लेकर राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की पहली जिला-स्तरीय रिपोर्ट में राज्य से जुड़ा अहम आंकड़ा सामने आया है। सरगुजा में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की महिलाओं का Labour Force Participation Rate (LFPR) 69 फीसदी दर्ज किया गया है। महिला Worker Population Ratio (WPR) 68 फीसदी है।
इसका मतलब यह है कि रिपोर्ट के आंकड़ों के अनुसार सरगुजा में 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की प्रत्येक 100 महिलाओं में करीब 69 महिलाएं श्रम बाजार में सक्रिय थीं, जबकि करीब 68 महिलाएं वास्तव में आर्थिक गतिविधियों में काम कर रही थीं।
देश के चुनिंदा जिलों में सरगुजा की मजबूत स्थिति
NSO की रिपोर्ट में राज्यों की महिला आबादी के आधार पर चुने गए प्रमुख जिलों के आंकड़े शामिल किए गए हैं। इस तुलना में हिमाचल प्रदेश का हमीरपुर 80.9% महिला LFPR के साथ सबसे ऊपर रहा। इसके बाद ओडिशा का मयूरभंज 71.8%, जम्मू-कश्मीर का बडगाम 71.4% और छत्तीसगढ़ का सरगुजा 69% पर है।
हालांकि इसे पूरे देश के सभी जिलों की अंतिम रैंकिंग नहीं माना जाना चाहिए, क्योंकि रिपोर्ट में चयनित जिलों के आंकड़े प्रस्तुत किए गए हैं।
रायपुर भी देश की राजधानियों के टॉप-3 में
रिपोर्ट में राज्य की राजधानियों के श्रम बाजार संकेतकों की भी तुलना की गई है। इसमें रायपुर का LFPR 61.5 फीसदी और WPR 59.4 फीसदी दर्ज किया गया है।
इस तुलना में रायपुर से ऊपर शिमला 70% LFPR और 65.1% WPR के साथ तथा तिरुवनंतपुरम 64.4% LFPR और 63.2% WPR के साथ है। इसके बाद रायपुर तीसरे स्थान पर है।
आखिर LFPR और WPR में अंतर क्या है?
LFPR बताता है कि 15 वर्ष और उससे अधिक उम्र की आबादी में कितने लोग श्रम बाजार में शामिल हैं। इसमें काम करने वाले लोगों के साथ काम तलाश रहे या काम के लिए उपलब्ध लोग भी शामिल होते हैं।वहीं WPR बताता है कि आबादी में कितने लोग वास्तव में किसी आर्थिक गतिविधि में लगे हुए हैं।
यानी सरगुजा के 69% LFPR को सीधे यह नहीं कहा जा सकता कि 69% महिलाएं नौकरी कर रही हैं। वास्तविक रूप से काम करने वाली महिलाओं का संकेत 68% WPR से मिलता है।
पहली बार जिला स्तर पर सामने आई श्रम बाजार की तस्वीर
NSO ने 18 सितंबर 2026 को Labour Market Snapshot of Selected Districts जारी किया। यह
पहली बार है जब जिला स्तर पर LFPR, WPR, बेरोजगारी और युवाओं के NEET जैसे श्रम बाजार संकेतकों की तस्वीर सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार देश के करीब 57.8% जिलों में महिला LFPR 40% या उससे अधिक दर्ज किया गया।




