अफीम खेती मामले की जांच ED को सौंपने की मांग, पूर्व CM बोले – यह सिर्फ अवैध खेती का मामला नहीं है, इसके पीछे बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम खेती के लगातार सामने आ रहे मामलों ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस पूरे मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) को सौंपने की मांग करते हुए इसे मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा गंभीर प्रकरण बताया है।
भूपेश बघेल का कहना है कि यह सिर्फ अवैध खेती का मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े पैमाने पर आर्थिक लेन-देन और काले धन का खेल हो सकता है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब अफीम की खेती को वैध कृषि आय में नहीं दिखाया जा सकता, तो इससे अर्जित पैसा आखिर कहां जा रहा है। ऐसे में इसकी गहन जांच जरूरी है, जो केवल ED जैसी एजेंसी ही प्रभावी तरीके से कर सकती है।
पिछले 15 दिनों के भीतर प्रदेश के दुर्ग, बलरामपुर, बिलासपुर और रायगढ़ जिलों में अफीम की अवैध खेती के चार बड़े मामले सामने आए हैं। इन मामलों में पुलिस और प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए खेतों से करोड़ों रुपये मूल्य के अफीम के पौधे और फल जब्त किए हैं। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों ने यह संकेत दिया है कि प्रदेश में कहीं न कहीं संगठित स्तर पर यह अवैध कारोबार चल रहा है।
भूपेश बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि दुर्ग और बलरामपुर में पकड़े गए कुछ आरोपी भाजपा से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं, जिससे इस मामले में राजनीतिक संरक्षण की आशंका और गहरा गई है। हालांकि इस पर भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
फिलहाल राज्य सरकार की ओर से इस मामले को ED को सौंपने को लेकर कोई स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन बढ़ते राजनीतिक दबाव और लगातार उजागर हो रहे मामलों के बीच यह मुद्दा आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।



