
रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का मानसून सत्र 13 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र से पहले नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने बड़ा राजनीतिक ऐलान करते हुए कहा है कि कांग्रेस राज्य की भाजपा सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद पहली बार कांग्रेस सरकार को सदन में घेरने के लिए अविश्वास प्रस्ताव पेश करेगी।
चरणदास महंत ने सरकार पर किसानों और आम जनता की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध नहीं हो रहा है। वहीं बिजली दरों में लगातार वृद्धि की जा रही है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। महंत ने आरोप लगाया कि जल, जंगल और जमीन को नुकसान पहुंचाया जा रहा है तथा प्रदेश में अपराध की घटनाएं भी बढ़ी हैं।
बिजली दरों में बढ़ोतरी के मुद्दे पर महंत ने कहा कि भाजपा सरकार उद्योगपतियों के हित में काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बड़े उद्योगपतियों और सरकारी विभागों से बकाया राशि की वसूली नहीं कर रही, जबकि आम जनता पर बिजली दरों का भार डाला जा रहा है।
अविश्वास प्रस्ताव लाना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार- मंत्री जायसवाल
कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि हर सत्र में अविश्वास प्रस्ताव लाना विपक्ष का लोकतांत्रिक अधिकार है। हालांकि उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि विपक्ष को मैच शुरू होने से पहले ही परिणाम पता है, लेकिन यदि वह मैदान में उतरना चाहता है तो उसका स्वागत है।
अब मानसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस देखने को मिल सकती है।




