झीरमकांड की 13वीं बरसी पर फिर सियासत तेज, अजय चंद्राकर के बयान से बढ़ी राजनीतिक गर्माहट

रायपुर। Jhiram Valley attack की 13वीं बरसी पर छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा नेता और पूर्व मंत्री Ajay Chandrakar ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
अजय चंद्राकर ने कहा कि “जिस दिन Bhupesh Baghel अपने जेब में रखे सबूत को सार्वजनिक करेंगे और Kawasi Lakhma को सामने रख प्रदेश की जनता को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे, उस दिन झीरमकांड की परतें खुद-ब-खुद खुलती चली जाएंगी।”उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता Charan Das Mahant का नाम लेते हुए सवाल किया कि अस्पताल में कवासी लखमा से आखिर क्या बातचीत हुई थी। चंद्राकर ने कहा कि इन तमाम पहलुओं के सामने आने के बाद कई राजनीतिक सच उजागर हो सकते हैं।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने झीरमकांड को सहानुभूति हासिल करने और राजनीतिक ऑक्सीजन के रूप में इस्तेमाल किया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने इस मामले में हर स्तर पर कार्रवाई की है और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में गंभीरता दिखाई है।
गौरतलब है कि 25 मई 2013 को बस्तर के झीरम घाटी में हुए नक्सली हमले में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी। यह हमला छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े नक्सली हमलों में गिना जाता है और आज भी राज्य की राजनीति में संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।



